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कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोना पड़ सकता है भारी, आंखों में गंभीर संक्रमण का बढ़ सकता है खतरा

कॉन्टैक्ट लेंस आज चश्मे के एक लोकप्रिय विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किए जाते हैं। लेकिन कई लोग थकान, देर रात घर लौटने या लेंस निकालना भूल जाने के कारण इन्हें पहनकर ही सो जाते हैं। यह छोटी-सी लापरवाही आंखों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी कर सकती है। खासकर ऐसे कॉन्टैक्ट लेंस जिन्हें रातभर पहनने के लिए निर्धारित नहीं किया गया है, उन्हें पहनकर सोने से आंखों में संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है।

कोर्निया तक ऑक्सीजन पहुंचने में पड़ सकता है असर

कॉन्टैक्ट लेंस आंख की पारदर्शी बाहरी परत यानी कोर्निया पर रहता है। जागते समय पलक की हलचल और टियर फिल्म आंखों की सतह को नम रखने में मदद करती है। लेकिन सोते समय आंखें बंद रहने के कारण लेंस लंबे समय तक कोर्निया के संपर्क में रहता है।

इससे कोर्निया तक ऑक्सीजन की उपलब्धता और आंसुओं के सामान्य आदान-प्रदान पर असर पड़ सकता है। लंबे समय तक लेंस पहने रहने से उसकी सतह पर सूक्ष्मजीव जमा होने की संभावना भी बढ़ सकती है।

माइक्रोबियल केराटाइटिस का खतरा

कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर सोने की सबसे बड़ी चिंता माइक्रोबियल केराटाइटिस को लेकर होती है। इसमें कोर्निया में संक्रमण हो सकता है। इससे आंखों में दर्द, लालिमा, जलन, पानी आना और धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं।

रिसर्च में रातभर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने और माइक्रोबियल केराटाइटिस के बीच संबंध पाया गया है। उपलब्ध अध्ययनों में रात में लेंस पहनकर सोने वालों में संक्रमण का जोखिम कई गुना अधिक पाया गया है।

सोने से पहले लेंस जरूर निकालें

सीडीसी की सलाह के मुताबिक, जब तक डॉक्टर ने विशेष रूप से रात में कॉन्टैक्ट लेंस पहनने की अनुमति न दी हो, सोने से पहले लेंस निकाल देना चाहिए। रोजाना इस्तेमाल के लिए बनाए गए लेंस को रातभर पहनना सुरक्षित नहीं माना जाता।

कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करते समय रखें इन बातों का ध्यान
लेंस निकालने या लगाने से पहले साबुन और पानी से हाथ धोकर अच्छी तरह सुखाएं।
कॉन्टैक्ट लेंस को शॉवर, स्विमिंग पूल या हॉट टब में पहनने से बचें।
डिस्पोजेबल लेंस को निर्धारित अवधि के बाद दोबारा इस्तेमाल न करें।
रियूजेबल लेंस को डॉक्टर द्वारा बताए समय पर बदलें।
लेंस केस की नियमित सफाई करें और पुराने सॉल्यूशन को दोबारा इस्तेमाल न करें।
नए सॉल्यूशन को पुराने सॉल्यूशन के ऊपर डालने के बजाय केस को खाली करके निर्धारित तरीके से साफ करें।
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने के बाद आंखों में दर्द, लालिमा, जलन, अत्यधिक पानी आना, चिपचिपा डिस्चार्ज, धुंधला दिखाई देना या तेज असहजता महसूस हो, तो लेंस तुरंत निकालकर नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

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