रोज एक कीवी खाने से शरीर को मिल सकते हैं कई फायदे, जानिए पाचन से इम्यूनिटी तक असर
कीवी आकार में छोटा जरूर है, लेकिन पोषक तत्वों से भरपूर फल है। इसमें विटामिन सी, फाइबर, पोटैशियम, विटामिन ई और कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से पाचन बेहतर रखने, कब्ज से राहत, शरीर में विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखने और हृदय स्वास्थ्य को सपोर्ट करने में मदद मिल सकती है। डायटीशियन और लैक्टेशन कंसल्टेंट डॉ. समीक्षा कालरा के मुताबिक, कीवी को डाइट में शामिल करने के कई फायदे हो सकते हैं, हालांकि इसे किसी बीमारी का इलाज या चमत्कारी फल नहीं माना जाना चाहिए।
विटामिन सी से इम्यून सिस्टम को सपोर्ट
कीवी विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। यह पोषक तत्व इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करता है। हालांकि, केवल कीवी खाने से संक्रमण से पूरी तरह बचाव नहीं होता। अमरूद, संतरा, नींबू, टमाटर और अन्य सब्जियों के साथ अलग-अलग स्रोतों से विटामिन सी लेना बेहतर पोषण दे सकता है।
कब्ज और पाचन में मददगार
कीवी में डाइटरी फाइबर और पानी की अच्छी मात्रा होती है, जो सामान्य बाउल मूवमेंट बनाए रखने में मदद कर सकती है। कुछ शोधों में नियमित कीवी सेवन को मल त्याग की आवृत्ति और मल की बनावट में सुधार से जोड़ा गया है। खासतौर पर कब्ज की समस्या वाले कुछ लोगों को इससे लाभ मिल सकता है।
हालांकि, हर व्यक्ति का पाचन अलग होता है। कुछ लोगों को कीवी खाने के बाद पेट फूलने या अन्य पाचन संबंधी परेशानी का अनुभव हो सकता है। पर्याप्त पानी, फाइबर और नियमित शारीरिक गतिविधि भी कब्ज से बचाव के लिए जरूरी हैं।
हार्ट हेल्थ के लिए भी उपयोगी
कीवी में पोटैशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट प्लांट कंपाउंड पाए जाते हैं। इसलिए इसे हृदय के लिए अनुकूल संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। कुछ अध्ययनों में कीवी के सेवन से कुछ कार्डियोमेटाबोलिक संकेतकों, जैसे LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल, पर हल्का सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। हालांकि केवल कीवी खाने से हृदय रोग का खतरा खत्म नहीं होता।
ब्लड शुगर पर क्या असर पड़ता है?
कीवी में प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, लेकिन इसके साथ फाइबर और पानी भी मिलता है। इसलिए सामान्य तौर पर इसे संतुलित आहार में शामिल किया जा सकता है। डायबिटीज वाले लोगों को फलों से पूरी तरह परहेज करने की जरूरत नहीं होती, लेकिन उन्हें मात्रा और पूरे दिन के कार्बोहाइड्रेट सेवन का ध्यान रखना चाहिए।
फलों का जूस पीने के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प माना जाता है, क्योंकि इससे फाइबर मिलता है और पेट अधिक देर तक भरा हुआ महसूस हो सकता है।
वजन कंट्रोल में कैसे मदद कर सकती है कीवी?
कीवी अपने आप वजन कम नहीं करती। लेकिन इसमें कैलोरी अपेक्षाकृत कम और पानी व फाइबर मौजूद होने के कारण यह एक पौष्टिक स्नैक हो सकती है। बिस्कुट, मिठाई या अत्यधिक प्रोसेस्ड स्नैक्स की जगह कीवी जैसे साबुत फल लेना डाइट की गुणवत्ता सुधार सकता है। वजन प्रबंधन के लिए केवल एक फल पर निर्भर रहने के बजाय पूरे खान-पान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।
रोज कितनी कीवी खानी चाहिए?
स्वस्थ वयस्कों के लिए रोज एक कीवी फल को डाइट में शामिल करना एक आसान विकल्प हो सकता है। हालांकि, हर दिन कीवी खाना जरूरी नहीं है। अलग-अलग प्रकार के फल और सब्जियां खाने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं।
जिन लोगों को कीवी या लेटेक्स से संबंधित फलों से एलर्जी है, पाचन संबंधी गंभीर समस्या है या कोई विशेष मेडिकल कंडीशन है, उन्हें डाइट में बदलाव से पहले डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह लेनी चाहिए।
