बस्तर में बाढ़ प्रभावितों के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, राहत शिविरों में 24×7 चिकित्सा सेवा
www.healthbhaskar.com/रायपुर 28 सितम्बर 2026. बस्तर संभाग में लगातार बारिश और इंद्रावती नदी का जलस्तर बढ़ने से बने बाढ़ के हालात के बीच जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
जगदलपुर शहर के विभिन्न राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए 24×7 चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है, जबकि मोबाइल मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर और पड़ोसी ओडिशा के बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण नदी किनारे और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी है। इसे देखते हुए डुबान क्षेत्रों के राहत शिविरों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा रहा है। स्थानीय स्वयंसेवी और सामाजिक संस्थाएं भी राहत कार्यों में सहयोग कर रही हैं।
राहत शिविरों में डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ तैनात
जगदलपुर के हाई स्कूल भैरमगंज, भगत सिंह हाईस्कूल, हाईस्कूल हाट कचोरा, टाउन हॉल, लालबाग मैदान के सामने, कृष्ण मंदिर, शुभ लगन वाटिका, वीर सावरकर चौक, डोंगा घाट हाईवे क्षेत्र और अब्दुल कलाम वार्ड सहित विभिन्न राहत शिविरों में स्वास्थ्य टीमों की 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है।
स्वास्थ्य दल प्रभावित लोगों को प्राथमिक उपचार और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं। गंभीर मरीजों को तत्काल बड़े अस्पतालों में रेफर करने की व्यवस्था भी की गई है।
जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर जोर
बाढ़ के बाद डायरिया, बुखार, उल्टी और अन्य मौसमी व संक्रामक बीमारियों की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। संयुक्त संचालक डॉ. महेश सांडिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने राहत शिविरों का निरीक्षण कर चिकित्सा व्यवस्था, दवाओं की उपलब्धता और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से जलभराव और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा केवल स्वच्छ या उबला हुआ पानी पीने की अपील की है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी या बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी राहत शिविर या स्वास्थ्य दल से तत्काल संपर्क करने की सलाह दी गई है।
