Mon. Sep 28th, 2026

सांस फूलना और जल्दी थकान को न समझें सिर्फ ‘कमजोर फेफड़े’, जानिए कौन से विटामिन देते हैं Respiratory Health को सपोर्ट

सांस फूलना, बार-बार खांसी होना या थोड़ी मेहनत के बाद जल्दी थक जाना जैसी समस्याओं को अक्सर लोग ‘कमजोर फेफड़ों’ से जोड़ देते हैं। हालांकि, कमजोर फेफड़े अपने आप में कोई अलग बीमारी या मेडिकल डायग्नोसिस नहीं है। इसके पीछे अस्थमा, सीओपीडी, रेस्पिरेटरी इंफेक्शन, धूम्रपान, वायु प्रदूषण, एनीमिया या हृदय से जुड़ी समस्या जैसी कई वजहें हो सकती हैं।

ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कोई खास विटामिन फेफड़ों को मजबूत कर सकता है? विशेषज्ञों के अनुसार किसी एक विटामिन को फेफड़ों की बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता। हालांकि, शरीर में पर्याप्त पोषक तत्व होना इम्यून सिस्टम, टिशू के सामान्य रखरखाव और एंटीऑक्सीडेंट डिफेंस के लिए जरूरी है।

विटामिन D की भूमिका

विटामिन D इम्यून सिस्टम के सामान्य कामकाज से जुड़ा है और श्वसन संक्रमणों के संदर्भ में इसका काफी अध्ययन हुआ है। कुछ शोधों में विटामिन D सप्लीमेंटेशन और एक्यूट रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन के जोखिम के बीच संभावित लाभ देखा गया है, खासकर उन लोगों में जिनमें विटामिन D का स्तर पहले से कम था। हालांकि, सप्लीमेंट लेने का निर्णय डॉक्टर की सलाह के अनुसार होना चाहिए।

विटामिन C देता है एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट

विटामिन C शरीर की एंटीऑक्सीडेंट डिफेंस का हिस्सा है और इम्यून फंक्शन में भूमिका निभाता है। रिसर्च में इसके परिणाम पूरी तरह एक जैसे नहीं रहे हैं। इसे आंवला, अमरूद, संतरा, नींबू और शिमला मिर्च जैसे खाद्य पदार्थों से प्राप्त किया जा सकता है।

विटामिन A फेफड़ों के टिशू के लिए जरूरी

विटामिन A वायुमार्ग की परत और सेल्स के सामान्य विकास एवं रखरखाव में भूमिका निभाता है। इसकी कमी शरीर के रेस्पिरेटरी टिशू को प्रभावित कर सकती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में विटामिन A युक्त खाद्य पदार्थ लेना महत्वपूर्ण है।

विटामिन E और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस

विटामिन E एक वसा में घुलनशील एंटीऑक्सीडेंट है। यह शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव डैमेज से बचाने वाली प्रणाली में योगदान देता है। धूम्रपान और वायु प्रदूषण जैसे कारक ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं।

B-कॉम्प्लेक्स भी महत्वपूर्ण

B-कॉम्प्लेक्स विटामिन शरीर में ऊर्जा उत्पादन और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण जैसी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाते हैं। लाल रक्त कोशिकाएं शरीर के विभिन्न हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं।

किसी एक विटामिन को न मानें ‘फेफड़ों की दवा’

फेफड़ों की सेहत के लिए किसी एक विटामिन को सबसे बेहतर या इलाज के रूप में नहीं माना जा सकता। संतुलित आहार से पर्याप्त पोषक तत्व लेना, धूम्रपान से बचना, प्रदूषण के संपर्क को कम करना और नियमित शारीरिक गतिविधि महत्वपूर्ण हैं। अगर लगातार सांस फूलना, खांसी, सीने में परेशानी या असामान्य थकान हो रही है, तो केवल विटामिन सप्लीमेंट लेने के बजाय चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।

इन्हें भी पढ़े

You cannot copy content of this page