स्वाइन फ्लू से घबराएं नहीं, जागरूक रहें और समय पर लें चिकित्सकीय सलाह : डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी
www.healthbhaskar.com/रायपुर 01 सितम्बर 2026. मौसम में बदलाव के साथ स्वाइन फ्लू (H1N1) सहित विभिन्न वायरल संक्रमणों और मौसमी बीमारियों को लेकर लोगों में चिंता बढ़ रही है। ऐसे समय में विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी से घबराने के बजाय जागरूक रहना, आवश्यक सावधानियां बरतना और लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना बेहद जरूरी है।
होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि स्वाइन फ्लू के नाम से डरने की आवश्यकता नहीं है। डरें नहीं, लड़ें और मानसिक रूप से मजबूत रहें। पहले भी इस प्रकार के वायरल संक्रमण एवं मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीज उचित चिकित्सकीय देखभाल के बाद स्वस्थ हुए हैं।
डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि उनके क्लिनिकल अनुभव में विभिन्न प्रकार के वायरल संक्रमण, मौसमी बुखार तथा अन्य मौसमी स्वास्थ्य समस्याओं में होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से मरीजों को राहत मिली है। उनके अनुसार, “हमारे क्लिनिक में ऐसे अनेक मरीज आए हैं, जिनमें वायरल संक्रमण अथवा मौसमी बुखार के दौरान होम्योपैथिक उपचार के साथ अच्छे क्लिनिकल परिणाम देखने को मिले हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी हमने मरीजों को चिकित्सकीय मार्गदर्शन और होम्योपैथिक चिकित्सा के माध्यम से उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में सहायता प्रदान की।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रत्येक मरीज की स्थिति अलग होती है और उपचार का निर्णय उसके लक्षणों, बीमारी की गंभीरता तथा चिकित्सकीय मूल्यांकन के आधार पर होना चाहिए। गंभीर संक्रमण में आवश्यक जांच और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं में उपचार लेने में किसी प्रकार की देरी नहीं करनी चाहिए।
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सावधानी जरूरी
डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि तेज बुखार, खांसी, गले में दर्द, शरीर में अत्यधिक दर्द, कमजोरी अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विशेष रूप से सांस लेने में कठिनाई, लगातार बिगड़ती स्थिति या अत्यधिक कमजोरी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है।
उन्होंने लोगों को सलाह दी कि खांसते-छींकते समय मुंह और नाक ढकें, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखें, भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतें और बीमार होने पर दूसरों के संपर्क को कम करें।
बीमारी से ज्यादा डर नुकसान पहुंचा सकता है
डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी ने कहा, “किसी भी बीमारी के प्रति जागरूक रहना जरूरी है, लेकिन भयभीत होना समाधान नहीं है। बीमारी के बारे में सही जानकारी रखें, अफवाहों से बचें और समय पर चिकित्सक की सलाह लें। पहले भी ऐसे संक्रमणों से मरीज स्वस्थ हुए हैं, इसलिए स्वाइन फ्लू को लेकर अनावश्यक डर पैदा करने की जरूरत नहीं है। मानसिक रूप से मजबूत रहें, सावधानी रखें और बीमारी का सामना करें।”
होम्योपैथी की प्रवेंटिव दवाई लेकर की आप काफ़ी हद तक इस बीमारी के संक्रमण से बचाव कर सकते है
उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट उपचार या दवाओं पर भरोसा करने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें। जागरूकता, सावधानी और समय पर उचित चिकित्सा ही किसी भी संक्रमण से मुकाबला करने का बेहतर रास्ता है।
डॉ. उत्कर्ष त्रिवेदी
होम्योपैथिक फिजिशियन
Dr. Trivedi’s Homeopathy, रायपुर
