चिरायु योजना बनी 11 वर्षीय बालिका के लिए राहत की किरण, निःशुल्क मिला इंसुलिन और ग्लूकोमीटर
www.healthbhaskar.com/रायपुर 22 अगस्त 2026. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की चिरायु योजना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे बच्चों के लिए राहत और उम्मीद का माध्यम बन रही है। मुंगेली विकासखंड के ग्राम नारायणपुर निवासी 11 वर्षीय किनामिका साहू, जो बाल मधुमेह से पीड़ित है, को योजना के तहत निःशुल्क उपचार सामग्री उपलब्ध कराई गई है।
किनामिका का उपचार पहले बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इलाज और आवश्यक दवाइयों पर परिवार को हर महीने करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे थे। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण यह खर्च परिवार के लिए लगातार चुनौती बना हुआ था।
चिरायु टीम को स्वास्थ्य जांच के दौरान बच्ची की बीमारी की जानकारी मिली। इसके बाद उसे जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मधु ध्रुव से जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श दिलाया गया। उपचार की आवश्यकता को देखते हुए चिरायु योजना के अंतर्गत जिला चिकित्सालय के माध्यम से बच्ची को निःशुल्क ग्लूकोमीटर और आवश्यक इंसुलिन उपलब्ध कराया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि चिरायु योजना के माध्यम से बच्चों की स्वास्थ्य समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें विशेषज्ञ उपचार से जोड़ा जा रहा है। वहीं डीपीएम गिरीश कुर्रे ने बताया कि बाल मधुमेह में नियमित चिकित्सकीय निगरानी और उपचार जरूरी है। समय पर बीमारी की पहचान और उपचार से बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है।
निःशुल्क उपचार सामग्री मिलने से किनामिका के परिवार को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने शासन की चिरायु योजना और स्वास्थ्य विभाग की टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि निजी अस्पताल में इलाज का खर्च उनके लिए काफी कठिन था। योजना के माध्यम से मिली सहायता से बच्ची का नियमित उपचार जारी रखना आसान हुआ है और परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम हुआ है।
