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ठंडा-गर्म खाते ही दांतों में होती है झनझनाहट? जानिए कब अपने आप ठीक होती है सेंसिटिविटी और कब जरूरी है डॉक्टर की सलाह

कभी आइसक्रीम खाने तो कभी गर्म चाय पीने या मीठा खाने के बाद दांतों में अचानक तेज झनझनाहट होने लगती है। इस परेशानी को टूथ सेंसिटिविटी कहा जाता है। कई लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली झनझनाहट दांतों और मसूड़ों से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकती है।

दांतों की बाहरी परत इनेमल अंदरूनी हिस्से की सुरक्षा करती है। जब यह परत घिसने लगती है या मसूड़े पीछे हट जाते हैं, तो दांतों का संवेदनशील हिस्सा बाहरी उत्तेजनाओं के संपर्क में आ जाता है। ऐसे में ठंडा, गर्म, मीठा या खट्टा खाने-पीने पर अचानक दर्द और झनझनाहट महसूस होती है।

इनेमल घिसना और मसूड़ों का पीछे हटना प्रमुख वजह

इंडियन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार, बहुत जोर से ब्रश करना, एसिडिक पेय पदार्थों का अधिक सेवन, मसूड़ों की बीमारी और दांत पीसने की आदत सेंसिटिविटी का खतरा बढ़ा सकती है। इसके अलावा दांतों में कैविटी या दरार भी झनझनाहट की वजह बन सकती है।

क्या अपने आप ठीक हो सकती है दांतों की सेंसिटिविटी?

अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के अनुसार, यह समस्या किस कारण से हुई है, इस पर निर्भर करता है कि सेंसिटिविटी अपने आप ठीक होगी या नहीं। व्हाइटनिंग ट्रीटमेंट के बाद होने वाली हल्की झनझनाहट अक्सर अस्थायी होती है और कुछ समय में कम हो सकती है।

हालांकि, इनेमल अधिक घिसने या मसूड़ों के पीछे हटने से दांतों की जड़ खुलने पर केवल इंतजार करने से समस्या ठीक नहीं होती। ऐसी स्थिति में फ्लोराइड ट्रीटमेंट और अन्य डेंटल उपचार की जरूरत पड़ सकती है।

स्केलिंग और व्हाइटनिंग के बाद भी हो सकती है परेशानी

डेंटल क्लीनिंग या डीप स्केलिंग के बाद कुछ लोगों को ठंडे-गर्म पदार्थों से संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। पहले से मसूड़ों में सूजन या टार्टर जमा होने की स्थिति में यह परेशानी अधिक महसूस हो सकती है। आमतौर पर यह अस्थायी होती है, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर डेंटिस्ट से जांच करानी चाहिए।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

  • ठंडा-गर्म खाते ही बार-बार तेज झनझनाहट होना।

  • दांतों में दर्द लंबे समय तक बने रहना।

  • किसी एक दांत में लगातार दर्द होना।

  • मीठा या खट्टा खाने पर तेज दर्द महसूस होना।

  • मसूड़ों से खून आना या उनका पीछे हटना।

टूथपेस्ट के विज्ञापनों पर न करें आंख बंद करके भरोसा

संवेदनशील दांतों के लिए बने टूथपेस्ट कुछ लोगों को राहत दे सकते हैं, लेकिन हर तरह की सेंसिटिविटी का इलाज केवल टूथपेस्ट नहीं है। गलत ब्रशिंग तकनीक, कैविटी, इनेमल का घिसना या मसूड़ों की बीमारी जैसी वजहों का पता लगाना जरूरी है। इसलिए बार-बार झनझनाहट होने पर खुद से इलाज करने के बजाय डेंटिस्ट की सलाह लें।

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