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हृदय की प्रमुख रक्त वाहिकाओं से चिपकी कैंसर की गांठ का सफल ऑपरेशन, अम्बेडकर अस्पताल के डॉक्टरों ने बचाई 60 वर्षीय मरीज की जान

www.healthbhaskar.com/रायपुर 31 अक्टूबर 2026.   डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा), रायपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने जटिल सर्जरी कर 60 वर्षीय मरीज की छाती में हृदय के पास स्थित कैंसरयुक्त गांठ को सफलतापूर्वक निकाल दिया। करीब चार घंटे तक चले इस ऑपरेशन में कैंसर सर्जरी तथा हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभाग की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। गांठ हृदय की प्रमुख रक्त वाहिकाओं, बाएं फेफड़े और हृदय की बाहरी झिल्ली से चिपकी हुई थी। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज की हालत स्थिर हुई और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

छाती में दर्द और भारीपन के बाद पहुंचा था अस्पताल

कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, रायपुर निवासी 60 वर्षीय मरीज छाती में दर्द और भारीपन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचा था। इससे पहले एक निजी अस्पताल में हुई बायोप्सी में उसे इनवेसिव थाइमोमा (Invasive Thymoma) होने की पुष्टि हुई थी। मरीज ऑपरेशन से पहले कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी भी करा चुका था।

जांच के लिए कराए गए कॉन्ट्रास्ट सीटी स्कैन में छाती के अगले हिस्से में करीब 5 × 4.3 × 2.5 सेंटीमीटर आकार की कैंसरयुक्त गांठ मिली। यह गांठ हृदय से जुड़ी महाधमनी और पल्मोनरी आर्टरी जैसी प्रमुख रक्त वाहिकाओं के बेहद करीब थी।

दो विभागों की संयुक्त टीम ने किया चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन

मामले की गंभीरता को देखते हुए कैंसर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने हार्ट, चेस्ट एंड वैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. के.के. साहू से परामर्श किया। इसके बाद दोनों विभागों की संयुक्त टीम ने सर्जरी की योजना बनाई।

ऑपरेशन के दौरान मीडियन स्टर्नोटॉमी तकनीक से छाती खोलकर गांठ तक पहुंच बनाई गई। चिकित्सकों ने पाया कि गांठ एसेन्डिंग एओर्टा, पल्मोनरी आर्टरी, बाएं फेफड़े और हृदय की बाहरी झिल्ली पेरीकार्डियम से चिपकी हुई थी। बेहद संवेदनशील स्थिति के बावजूद चिकित्सकों ने सावधानीपूर्वक गांठ के साथ हृदय की झिल्ली और बाएं फेफड़े के प्रभावित हिस्से को भी सफलतापूर्वक निकाल दिया।

करीब चार घंटे तक चले ऑपरेशन के दौरान मरीज को दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति में सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

लंबे फॉलोअप के बाद अब सामान्य जीवन जी रहा मरीज

डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताया कि ऑपरेशन की जटिलता और मरीज की उम्र को देखते हुए उसे लंबे समय तक नियमित फॉलोअप में रखा गया। वर्तमान में मरीज पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य लोगों की तरह अपना जीवन जी रहा है।

इस जटिल सर्जरी में डॉ. आशुतोष गुप्ता और डॉ. के.के. साहू के नेतृत्व में डॉ. किशन सोनी, डॉ. गुंजन अग्रवाल, डॉ. सोनम, डॉ. समृद्ध, डॉ. लावण्या, डॉ. आशीष मालव, डॉ. गौरव और डॉ. अक्षय ने अहम भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. संकल्प भी टीम में शामिल रहे।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि अम्बेडकर अस्पताल में गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस सफल ऑपरेशन ने अस्पताल के चिकित्सकों की विशेषज्ञता, आपसी समन्वय और टीमवर्क को प्रदर्शित किया है।

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