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जे.एन.एम. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी एवं चरक शपथ समारोह

Healthbhaskar.comरायपुर 27  जनवरी , 2026। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय (JNMMC), रायपुर में एमबीबीएस 2025 बैच प्रथम वर्ष में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए व्हाइट कोट सेरेमनी एवं चरक शपथ समारोह का भव्य आयोजन किया गया। यह गरिमामयी कार्यक्रम सरस्वती पूजा के पावन अवसर पर आयोजित हुआ, जिसने इसे विशेष आध्यात्मिक और नैतिक महत्व प्रदान किया।

नैतिक चिकित्सा अभ्यास का औपचारिक शुभारंभ

व्हाइट कोट सेरेमनी को चिकित्सा शिक्षा में नैतिकता, करुणा और जिम्मेदारी के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाकर उन्हें यह स्मरण कराया गया कि डॉक्टर का दायित्व केवल रोग का उपचार नहीं, बल्कि रोगी के प्रति संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण बनाए रखना भी है।

मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि की उपस्थिति

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर उपस्थित थे। आयोजन का दायित्व करिकुलम कमेटी द्वारा निभाया गया, जिसकी सदस्य सचिव डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी रहीं।

चिकित्सा सेवा सर्वोच्च मानव सेवा – डॉ. विवेक चौधरी

विद्यार्थियों को चरक शपथ दिलाते हुए अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। उन्होंने छात्रों से अपेक्षा की कि वे अपने संपूर्ण चिकित्सकीय जीवन में ईमानदारी, संवेदनशीलता और निस्वार्थ सेवा भाव को सर्वोपरि रखेंगे।

चरक शपथ का महत्व और प्रासंगिकता

डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी ने चरक शपथ के ऐतिहासिक और नैतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आचार्य चरक की शिक्षाएं चिकित्सकों को अनुशासन, गुरुजनों के प्रति सम्मान और कर्तव्यनिष्ठा का मार्ग दिखाती हैं। यही मूल्य एक आदर्श, कुशल और समाजोपयोगी चिकित्सक के निर्माण की आधारशिला हैं।

आयोजन में शिक्षकों का सराहनीय योगदान

कार्यक्रम की सफलता में करिकुलम कमेटी के सदस्य डॉ. जागृति अग्रवाल, डॉ. अमित अग्रवाल, डॉ. दिवाकर धुरंधर, डॉ. वर्षा पांडे, डॉ. प्राची दुबे एवं डॉ. प्रतीक्षा अग्रवाल का विशेष योगदान रहा। मंच संचालन प्रतिभा सरकार एवं संतोष शर्मा द्वारा किया गया। समापन अवसर पर डॉ. दिवाकर धुरंधर ने सभी अतिथियों, प्राध्यापकों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। व्हाइट कोट सेरेमनी और चरक शपथ समारोह ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को यह स्मरण कराया कि चिकित्सा ज्ञान के साथ-साथ नैतिकता, करुणा और सामाजिक उत्तरदायित्व भी एक सच्चे चिकित्सक की पहचान हैं।

 


 

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