रेबीज संक्रमण के कारण युवक की मृत्यु, समय पर टीकाकरण न कराने से बिगड़ी स्थिति
Healthbhaskar.com: रायपुर, 4 अगस्त 2025 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल में कुत्ते के काटने से रेबीज वायरस से संक्रमित युवक की मृत्यु का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान संतोष ध्रुव (उम्र 38 वर्ष, निवासी पंडरिया तखतपुर, बिलासपुर) के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, सात महीने पहले संतोष को एक आवारा कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) नहीं लगवाई और घरेलू उपचार पर निर्भर रहा। समय के साथ उसकी स्थिति बिगड़ती गई और रेबीज इंसेफेलाइटिस के लक्षण जैसे पानी से डर (हाइड्रोफोबिया), आक्रामकता, भ्रम और स्नायु संबंधी समस्याएं उभरने लगीं।
रेबीज वायरस (Lyssavirus) एक घातक न्यूरोट्रोपिक वायरस है, जो संक्रमित जानवर (अक्सर कुत्ते) के काटने या खरोंच से इंसानों में प्रवेश करता है। यदि समय पर उचित टीकाकरण न हो तो यह वायरस केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर जानलेवा साबित होता है।संतोष ध्रुव को गंभीर अवस्था में 31 जुलाई को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 अगस्त की सुबह वह अपने आइसोलेशन कक्ष से बाहर घायल अवस्था में कोविड वार्ड के समीप पाया गया। सुरक्षा कर्मियों द्वारा उसे वापस भर्ती किया गया लेकिन उसी दिन दोपहर 12:30 बजे उसकी मृत्यु हो गई।
अस्पताल प्रशासन ने इस मामले में सभी मेडिको-लीगल प्रक्रियाओं का पालन किया। मृतक के शव को रेबीज प्रोटोकॉल के तहत मोर्चरी में रखा गया और पोस्टमार्टम कराया गया। साथ ही अस्पताल के मेडिकल स्टाफ को प्रोफिलैक्टिक वैक्सीनेशन भी उपलब्ध कराया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मरीज के परिजनों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी गई और प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई।
