एम्स रायपुर में श्रवण बाधित मरीजों के लिए निःशुल्क श्रवण यंत्र वितरण कार्यक्रम
Healthbhaskar.com: रायपुर, 13 फरवरी 2026। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एम्स रायपुर ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिक चिकित्सा केवल इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम भी है। इसी उद्देश्य को साकार करते हुए एम्स रायपुर द्वारा फ्री हियरिंग एड वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन केंद्रीय डोम ऑडिटोरियम में किया गया। यह कार्यक्रम रोटरी क्लब ऑफ रायपुर और हिअरजैप हिअरिंग केयर सेंटर के सहयोग से संपन्न हुआ।
इस मानवीय पहल के अंतर्गत गंभीर से अत्यंत गंभीर श्रवण हानि से पीड़ित 25 मरीजों को अत्याधुनिक हाई-पावर डिजिटल हियरिंग एड पूरी तरह निःशुल्क प्रदान किए गए है । यह कार्यक्रम विशेष रूप से बाल्य और वृद्ध आयु वर्ग के मरीजों के लिए आयोजित किया गया था जो लंबे समय से सुनने की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे।
9 लाख से अधिक मूल्य के श्रवण यंत्र निःशुल्क वितरित
इस कार्यक्रम के अंतर्गत मरीजों को जो श्रवण यंत्र वितरित किए गए फिलिप्स 3020 UP BTE प्रति यूनिट ₹41,000 मूल्य एवं जिनोद युनो 2 UP BTE प्रति यूनिट ₹26,000 मूल्य के श्रवण यंत्र शामिल है। इन सभी उपकरणों का कुल बाजार मूल्य लगभग ₹8 से ₹9 लाख तक माना जा रहा है। इन आधुनिक डिजिटल हियरिंग एड्स के माध्यम से मरीजों को बेहतर ध्वनि स्पष्टता, आरामदायक श्रवण अनुभव और दीर्घकालिक समाधान उपलब्ध कराया गया है।
दो वर्षों की अंतरराष्ट्रीय वारंटी और निःशुल्क फॉलो-अप सेवा
कार्यक्रम की एक विशेष उपलब्धि यह भी रही कि सभी लाभार्थियों को दो वर्षों की अंतरराष्ट्रीय वारंटी, साथ ही पूरे भारत में निःशुल्क सर्विस और फॉलो-अप सपोर्ट प्रदान किया गया। यह सेवा हिअरजैप हिअरिंग केयर सेंटर द्वारा सुनिश्चित की गई, जिससे मरीजों को भविष्य में किसी भी तकनीकी समस्या या मेंटेनेंस को लेकर चिंता न करनी पड़े। इस पहल ने यह सुनिश्चित किया कि मरीजों को केवल उपकरण देकर ही नहीं छोड़ा गया, बल्कि उनके दीर्घकालिक पुनर्वास की भी पूरी व्यवस्था की गई है।

डॉ. रेनु राजगुरु के नेतृत्व में सफल आयोजन
इस संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन ग्रुप कैप्टन (सेवानिवृत्त) डॉ. रेनु राजगुरु, विभागाध्यक्ष ईएनटी एवं चिकित्सा अधीक्षक, एम्स रायपुर के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। उनकी समर्पित टीम ने कार्यक्रम को अत्यंत व्यवस्थित, संवेदनशील और प्रभावशाली रूप से आयोजित किया गया है। डॉ. राजगुरु ने बताया कि श्रवण क्षमता का ह्रास केवल एक शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि यह व्यक्ति के सामाजिक, मानसिक और भावनात्मक जीवन को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। इस प्रकार के कार्यक्रम समाज के वंचित वर्गों के लिए जीवन बदलने वाले सिद्ध होते हैं।
कार्यकारी निदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल का प्रेरणादायी मार्गदर्शन
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने इस आयोजन को पूर्ण समर्थन करते हुए कहा कि एम्स रायपुर का उद्देश्य केवल अस्पताल की चारदीवारी के भीतर इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवा पहुँचाना हमारी प्राथमिकता है। ऐसे कार्यक्रम गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए आशा की नई किरण बनते हैं।
बाल और बुजुर्ग मरीजों के लिए जीवन बदलने वाला अनुभव
इस शिविर में बड़ी संख्या में ऐसे मरीज शामिल हुए, जिनमें छोटे बच्चे और वृद्धजन प्रमुख थे। कई मरीज जन्मजात श्रवण बाधा से ग्रस्त थे, तो कुछ उम्र बढ़ने के साथ सुनने की शक्ति खो चुके थे। श्रवण यंत्र लगने के बाद जब पहली बार मरीजों ने स्पष्ट ध्वनि सुनी, तो उनके चेहरों पर खुशी और आश्चर्य साफ झलक रहा था। मरीजों ने भावुक होकर चिकित्सकों प्रति आभार व्यक्त किया। शिविर में लाभ लेने आये हुए एक बुजुर्ग लाभार्थी ने कहा कि अब मैं अपने पोते की आवाज सुन सकूंगा, यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा उपहार है।
चिकित्सकीय टीम की व्यापक भूमिका
कार्यक्रम के दौरान इएनटी विशेषज्ञों की टीम द्वारा मरीजों की पूरी जांच की गई। ऑडियोलॉजिकल टेस्ट, इयर मोल्ड फिटिंग और व्यक्तिगत परामर्श के बाद प्रत्येक मरीज को उपयुक्त हियरिंग एड प्रदान किया गया। साथ ही, मरीजों और उनके परिजनों को हियरिंग एड के उपयोग की विधि तथा उसकी देखभाल एवं रखरखाव,बैटरी प्रबंधन एवं नियमित फॉलो-अप की प्रक्रिया की संपूर्ण जानकारी दी गई।
एम्स रायपुर की सामाजिक प्रतिबद्धता का परिचायक
यह कार्यक्रम एम्स रायपुर की समावेशी और मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे पूर्व भी संस्थान द्वारा निःशुल्क ऑपरेशन शिविर, रक्तदान शिविर, टीकाकरण अभियान और स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं। एम्स रायपुर प्रशासन ने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों की निरंतरता बनाए रखने का संकल्प लिया है।
समाज के लिए सकारात्मक संदेश
यह पहल न केवल चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार का प्रतीक है, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश भी देती है कि संयुक्त प्रयासों से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है। एम्स रायपुर, रोटरी क्लब ऑफ रायपुर और हिअरजैप हिअरिंग केयर सेंटर की यह साझेदारी भविष्य में भी जनसेवा के नए आयाम स्थापित करेगी।
