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हेल्थकेयर में भारत की ऐतिहासिक छलांग: एम्स दिल्ली बना दुनिया का छठा सर्वश्रेष्ठ अस्पताल

Healthbhaskar.com:  नईदिल्ली 10  फरवरी 2026। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), नई दिल्ली को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग संस्था द्वारा जारी “टॉप 250 बेस्ट हॉस्पिटल्स रैंकिंग 2026” में दुनिया का छठा सर्वश्रेष्ठ अस्पताल घोषित किया गया है। इस उपलब्धि के साथ एम्स दिल्ली ने न केवल भारत बल्कि पूरे एशिया में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता को प्रमाणित किया है।भारत के हेल्थकेयर सेक्टर के लिए यह क्षण ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण है।

वैश्विक मंच पर एम्स दिल्ली की ऐतिहासिक उपस्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, एम्स दिल्ली ने हेल्थकेयर गुणवत्ता, रोगी संतुष्टि, क्लीनिकल आउटकम, रिसर्च, नवाचार, ब्रांड वैल्यू और वैश्विक प्रतिष्ठा जैसे मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए यह मुकाम हासिल किया। इस सूची में अमेरिका के जॉन्स हॉपकिन्स मेडिकल सेंटर और ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को पीछे छोड़ते हुए एम्स ने दुनिया के टॉप अस्पतालों में अपनी मजबूत पहचान दर्ज कराई है।

भारतीय स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए मील का पत्थर

एम्स दिल्ली की यह उपलब्धि भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है। सीमित संसाधनों, अत्यधिक मरीज भार और विविध स्वास्थ्य चुनौतियों के बावजूद एम्स दिल्ली ने जिस गुणवत्ता और प्रतिबद्धता के साथ सेवाएं दी हैं, वह वैश्विक स्तर पर प्रशंसनीय है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत में सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों की क्षमता, दक्षता और गुणवत्ता को वैश्विक मंच पर स्थापित करती है और आने वाले वर्षों में भारत को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में उभारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

शोध, नवाचार और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक में अग्रणी

एम्स दिल्ली की सफलता का प्रमुख आधार उसका अनुसंधान, नवाचार और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग है। कैंसर उपचार, कार्डियोलॉजी, न्यूरोसाइंस, ऑर्गन ट्रांसप्लांट, जीनोमिक मेडिसिन, रोबोटिक सर्जरी और ट्रॉमा केयर जैसे क्षेत्रों में एम्स ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। संस्थान में हर वर्ष हजारों जटिल सर्जरी और उच्चस्तरीय उपचार सफलतापूर्वक किए जाते हैं। इसके अलावा, एम्स का मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच और इंटरनेशनल कोलैबोरेशन इसे वैश्विक स्वास्थ्य मानचित्र पर अग्रणी बनाता है।

विशेषज्ञ डॉक्टरों और समर्पित स्वास्थ्यकर्मियों की अहम भूमिका

एम्स दिल्ली की इस उपलब्धि के पीछे संस्थान के डॉक्टरों, वैज्ञानिकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों और प्रशासनिक टीम की कड़ी मेहनत और समर्पण है। देश के श्रेष्ठ चिकित्सक यहां सेवाएं देते हैं, जो चौबीसों घंटे मरीजों की सेवा में तत्पर रहते हैं। यह सफलता टीमवर्क, सतत प्रशिक्षण, रिसर्च कल्चर और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण का परिणाम है।

केंद्र सरकार की नीतियों और निवेश का सकारात्मक प्रभाव

केंद्र सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए निरंतर निवेश, एम्स जैसे संस्थानों के विस्तार, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल हेल्थ पहल ने इस उपलब्धि को संभव बनाया है। नई मेडिकल कॉलेज नीति, आयुष्मान भारत योजना और हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन ने देश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है।

भारत की वैश्विक पहचान को मिली मजबूती

एम्स दिल्ली की यह रैंकिंग केवल एक संस्थान की उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत की चिकित्सा शक्ति और बौद्धिक क्षमता की वैश्विक मान्यता है। इससे भारत को मेडिकल रिसर्च, उच्च शिक्षा और हेल्थ इनोवेशन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग के नए अवसर मिलेंगे।

भविष्य की दिशा: स्वास्थ्य क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत का सपना

एम्स दिल्ली की यह सफलता आत्मनिर्भर भारत के स्वास्थ्य विजन को मजबूत आधार प्रदान करती है। आने वाले वर्षों में देश के अन्य एम्स संस्थान और मेडिकल कॉलेज भी इस मॉडल को अपनाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनेंगे। एम्स दिल्ली का दुनिया का छठा सर्वश्रेष्ठ अस्पताल बनना न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलावों का प्रत्यक्ष प्रमाण भी है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी और भारत को वैश्विक हेल्थकेयर लीडर के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगी।

 


 

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