छत्तीसगढ़ महतारी बनेगी मेडिकल संस्थानों की प्रेरणा — डॉक्टरों ने भेजा मुख्यमंत्री को ज्ञापन
Healthbhaskar.com: रायपुर, 31 अक्टूबर 2025 छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर के अवसर पर राज्य के चिकित्सा समुदाय से एक भावनात्मक और गौरवपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है। जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन, छत्तीसगढ़ (JDA) ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को ज्ञापन भेजकर राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में “छत्तीसगढ़ महतारी” की मूर्ति स्थापित करने का आग्रह किया है। यह प्रस्ताव केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि राज्य की अस्मिता, संस्कृति और सेवा भावना का सशक्त प्रतीक बनने की दिशा में एक सार्थक कदम माना जा रहा है।
छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ महतारी राज्य की आत्मा का प्रतीक हैं। “छत्तीसगढ़ महतारी” की मूर्ति की स्थापना प्रदेश के हर मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में की जानी चाहिए जहाँ सेवा और समर्पण को सर्वोच्च माना जाता है। डॉ. डॉ. रेशम सिंह ने कहा की यह दिवस केवल एक तारीख नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की आत्मगौरव, एकता और अस्मिता की पहचान है। मेडिकल कॉलेजों में महतारी की प्रतिमा लगने से यह भावना और भी सशक्त होगी। चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मातृभूमि की सेवा का माध्यम है।
छत्तीसगढ़ जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने बताया कि JDA ,छत्तीसगढ़ ने इस अवसर पर राज्य भर के मेडिकल कॉलेजों में कई जनसेवी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रस्ताव भी रखा है, जिनका उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा से जुड़े युवाओं में राज्य और समाज के प्रति निःस्वार्थ सेवा, जन-जागरूकता और गर्व की भावना को सुदृढ़ करना है।
प्रस्तावित कार्यक्रम
- छत्तीसगढ़ की संस्कृति, इतिहास और स्वास्थ्य क्षेत्र की उपलब्धियों पर विशेष व्याख्यान।
- निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं रक्तदान शिविर का आयोजन।
- राज्य की स्वास्थ्य नीतियों पर वाद-विवाद एवं निबंध प्रतियोगिता।
- स्वच्छता एवं स्वास्थ्य जागरूकता रैली का आयोजन।
- छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापना समारोह।
डॉ. रेशम सिंह ने कहा, इन कार्यक्रमों से मेडिकल छात्रों और डॉक्टर्स में सेवा, संस्कृति और गर्व की भावना का समावेश होगा। इससे वे केवल चिकित्सक नहीं, बल्कि ‘जनसेवक’ के रूप में अपनी भूमिका को और गहराई से समझ पाएंगे।
डॉ. रेशम सिंह ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इस भावनात्मक प्रस्ताव पर संवेदनशीलता और तात्कालिकता के साथ विचार कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएँ। तथा यह पहल राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मूर्त रूप लेती है, तो यह दिवस केवल औपचारिक उत्सव नहीं बल्कि राज्य गौरव और चिकित्सा सेवा का एक ऐतिहासिक अध्याय बन जाएगा।
राज्य गौरव और जनसेवा का संगम
छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा राज्य की संस्कृति, मातृत्व और एकता का प्रतीक है। मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में इसका स्थापित होना यह दर्शाएगा कि स्वास्थ्य सेवा केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के प्रति कर्तव्य, दया और करुणा का प्रतीक भी है। स्वास्थ्य संस्थान वो स्थान हैं जहाँ जीवनदान और मानवता की सेवा हर दिन घटित होती है,ऐसे में महतारी की उपस्थिति इन संस्थानों को एक सांस्कृतिक और भावनात्मक पहचान देगी।
चिकित्सा क्षेत्र में सांस्कृतिक संवेदना का नया अध्याय
जूनियर डॉक्टरों का यह प्रस्ताव चिकित्सा क्षेत्र में संस्कृति और सेवा भावना को जोड़ने का एक अभिनव प्रयास है। आज जब स्वास्थ्य सेवाएँ तकनीकी प्रगति के दौर में हैं, तब मानवीय संवेदना और राज्यीय गौरव की पहचान को बनाए रखना उतना ही आवश्यक है। महतारी की मूर्ति केवल एक प्रतीक नहीं होगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह स्मरण कराएगी कि चिकित्सा का मूल उद्देश्य “सेवा और समर्पण” है।
मुख्यमंत्री से अपेक्षा
डॉ. रेशम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय स्वयं स्वास्थ्य और सेवा से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा देने में सदैव अग्रणी रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस प्रस्ताव पर सकारात्मक निर्णय लेकर राज्य स्थापना दिवस को और ऐतिहासिक बनाएंगे। अगर मेडिकल कॉलेजों में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित होती है, तो यह डॉक्टरों के लिए प्रेरणा और मरीजों के लिए विश्वास का प्रतीक बनेगी।
JDA की अपील
एसोसिएशन ने यह भी प्रस्ताव दिया है कि आने वाले वर्षों में “महतारी सम्मान” नाम से एक विशेष पुरस्कार प्रारंभ किया जाए, जो उन डॉक्टरों या चिकित्सा कर्मचारियों को दिया जाए जिन्होंने राज्य के ग्रामीण या दूरस्थ क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवा दी है। इससे राज्य में चिकित्सा सेवा की भावना को और अधिक प्रोत्साहन मिलेगा।
संवेदना, संस्कृति और सेवा का संगम
यह प्रस्ताव केवल डॉक्टरों का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के स्वास्थ्य सेवा समुदाय का प्रस्ताव है ,जो यह दर्शाता है कि संस्कृति और सेवा भावना चिकित्सा के हर कोने में भी स्पंदित हो रही है। यह पहल राज्य के गौरव और चिकित्सा समुदाय की सेवा भावना को एक साथ जोड़ने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
