रायपुर में अंगदान शिविर का सफल आयोजन, दिव्यांगजनों को मिला आत्मनिर्भरता का नया सहारा
Healthbhaskar.com: रायपुर | 22 दिसंबर 2025 दिव्यांगजनों के पुनर्वास और सामाजिक समावेशन की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए के सहयोग एवं रोटरी क्लब ऑफ क्वीन्स की सहभागिता से मारुति मंगलम भवन, गुढ़ियारी में कृत्रिम अंग – अंगदान शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य शारीरिक अक्षमता से जूझ रहे व्यक्तियों को बेहतर गतिशीलता प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल रही हैं।
अंगदान शिविर से बदली ज़िंदगियाँ, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़े दिव्यांगजन
शिविर में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में दिव्यांगजन शामिल हुए। विशेषज्ञ तकनीशियनों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम द्वारा प्रत्येक लाभार्थी का परीक्षण कर उनकी व्यक्तिगत आवश्यकताओं के अनुरूप कस्टमाइज़्ड कृत्रिम अंग प्रदान किए गए। इससे लाभार्थियों को न केवल चलने-फिरने में सुविधा मिली, बल्कि दैनिक जीवन की गतिविधियों में उनका आत्मविश्वास भी बढ़ाने की पहल है।
मेडिकल जर्नलिज़्म के दृष्टिकोण से यह शिविर पुनर्वास चिकित्सा (Rehabilitation Medicine) का प्रभावी उदाहरण है तथा जहाँ सहायक उपकरणों के माध्यम से दिव्यांगजनों की कार्यक्षमता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर उचित कृत्रिम अंग मिलने से दिव्यांग व्यक्तियों के मानसिक स्वास्थ्य, सामाजिक सहभागिता और जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होता है।
इंटरैक्ट क्लब और यंग इंडियंस की पहल, दिव्यांगों के चेहरे पर लौटी मुस्कान
इस मानवीय पहल में यंग इंडियंस, रायपुर ने अंगदान के लिए सर्वाधिक योगदान देकर इंटरैक्ट क्लब ऑफ रायपुर पिनैकल को सशक्त सहयोग प्रदान किया गया। शिविर के आयोजन, संसाधन प्रबंधन और लाभार्थियों तक सेवाएँ पहुँचाने में संस्था की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है । वहीं, रोटरी क्लब ऑफ क्वीन्स ने भी तकनीकी और संगठनात्मक सहयोग प्रदान कर शिविर को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया गया।

आयोजकों ने बताया कि यह शिविर केवल शारीरिक गतिशीलता बहाल करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे लाभार्थियों के जीवन में आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और नई आशा का संचार हुआ। आयोजक संस्थाओं ने भविष्य में भी इस तरह के स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
