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जनस्वास्थ्य के लिए सख्त कदम: खाद्य फैक्ट्रियों में छापेमारी, सैंपल जब्त

Healthbhaskar.com: रायपुर 03 फरवरी 2026। राज्य में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मिलावटी और अमानक खाद्य पदार्थों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने विभिन्न फैक्ट्रियों और उत्पादन इकाइयों से पोहा, एनालॉग उत्पादों और दही के नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है, ताकि आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

पोहा फैक्ट्रियों पर विशेष निगरानी

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, हाल के दिनों में पोहा की खपत में तेजी आई है, जिसे देखते हुए इसके निर्माण और भंडारण प्रक्रिया की गहन जांच आवश्यक हो गई थी। टीमों ने विभिन्न फैक्ट्रियों में पहुंचकर साफ-सफाई, कच्चे माल की गुणवत्ता, प्रसंस्करण तकनीक और पैकेजिंग मानकों का निरीक्षण किया। इसी दौरान पोहा के सैंपल लेकर जांच के लिए अधिकृत प्रयोगशालाओं में भेजे गए।

एनालॉग और दुग्ध उत्पाद भी रडार पर

जांच अभियान के तहत एनालॉग खाद्य पदार्थों और दही जैसे दुग्ध उत्पादों को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि एनालॉग उत्पादों में वास्तविक सामग्री के स्थान पर सस्ते विकल्पों के उपयोग की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इन उत्पादों की गुणवत्ता और लेबलिंग की जांच की जा रही है।

प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी नमूनों की वैज्ञानिक जांच की जा रही है। यदि किसी भी नमूने में मिलावट, मानकों का उल्लंघन या स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाए जाते हैं, तो संबंधित फैक्ट्री या विक्रेता के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना, लाइसेंस निलंबन और आवश्यकतानुसार आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जा सकता है।

उपभोक्ताओं से की गई अपील

खाद्य सुरक्षा विभाग ने आम जनता से अपील की है कि वे केवल प्रमाणित और लाइसेंसधारी दुकानों से ही खाद्य सामग्री खरीदें। साथ ही किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध खाद्य पदार्थ की जानकारी तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

 


 

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