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विष्णु देव साय सरकार की संवेदनशील पहल — हर ज़रूरतमंद तक पहुँची चिकित्सा की रोशनी

Healthbhaskar.com: रायपुर, 9 नवंबर 2025 छत्तीसगढ़ सरकार की “मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना” अब राज्य के आम नागरिकों के लिए आशा की किरण बन चुकी है। इस योजना ने एक बार फिर यह साबित किया है कि मानवीय संवेदनशीलता और सरकारी प्रतिबद्धता जब साथ आती है, तो असंभव भी संभव हो जाता है। जशपुर जिले के बगीचा ब्लॉक के किसान गणेशराम यादव (48 वर्ष) इसका जीवंत उदाहरण हैं। जिनके जीवन को इस योजना ने नई दिशा दी है।

बीमारी से जूझता किसान, हर दिन घटती उम्मीदें

गणेशराम यादव, एक साधारण किसान, जो अपनी आजीविका के लिए खेतों में दिन-रात मेहनत करते थे। लेकिन कुछ महीनों पहले उनकी ज़िंदगी ने करवट ली, जब डॉक्टरों ने बताया कि उनकी दोनों किडनियाँ काम करना बंद कर चुकी हैं। गणेशराम कई महीनों तक डायलिसिस (Dialysis) पर रहे। हर सप्ताह अस्पताल जाना, महँगी दवाइयाँ और उपचार का खर्च यह सब उनके सीमित साधनों से परे था। डॉक्टरों ने किडनी ट्रांसप्लांट (Kidney Transplant) की सलाह दी, लेकिन जब खर्च का अनुमान लगभग 10 लाख रुपये बताया गया, तो परिवार की सारी उम्मीदें जैसे खत्म हो गईं।

कुनकुरी सदन से मिली नई राह – सरकार की योजना बनी संबल

इसी बीच, गाँव के एक सामाजिक कार्यकर्ता ने उन्हें मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के बारे में जानकारी दी। किसान परिवार ने मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के लिए तुरंत आवेदन किया। आवश्यक दस्तावेज़ तैयार किए गए और कुछ ही दिनों में गणेशराम का पूरा इलाज इस योजना के तहत निःशुल्क स्वीकृत हो गया। योजना के अंतर्गत, गणेशराम को रायपुर स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह वही स्थान है जहाँ अब तक सैकड़ों जटिल मामलों का सफल उपचार हो चुका है।

एक माँ ने दिया बेटे को दूसरी बार जन्म

किडनी प्रत्यारोपण के लिए जब दानदाता की तलाश शुरू हुई, तो उनकी 64 वर्षीय माँ, सरस्वती यादव ने बिना किसी झिझक के अपनी किडनी दान कर दी।
उनका कहना था की जब बेटे को पहली बार जन्म दिया था, तब भी मैं माँ बनी थी और आज जब उसे नई ज़िंदगी दी, तो मुझे लगा कि ईश्वर ने मुझे फिर वही अवसर दिया है।

एम्स रायपुर के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने यह प्रत्यारोपण सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की। सर्जरी के बाद कुछ दिनों की निगरानी के पश्चात गणेशराम पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। अब वे घर लौट चुके हैं, और उनका परिवार एक बार फिर सामान्य जीवन जी रहा है।

मुख्यमंत्री से भेंट – भावनाओं से भरी एक मुलाकात

स्वस्थ होने के बाद गणेशराम अपने परिवार के साथ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मिलने पहुँचे। उनकी आँखों में खुशी और कृतज्ञता दोनों झलक रहे थे। मुलाकात करते समय मुख्यमंत्री से कहा अगर यह योजना नहीं होती, तो शायद मैं आज ज़िंदा नहीं होता। सरकार ने मेरी टूटी हुई उम्मीदों को फिर से जोड़ दिया। यह योजना गरीबों के लिए भगवान का रूप है।

मुख्यमंत्री ने गणेशराम और उनके परिवार से आत्मीय भेंट की और कहा कि प्रदेश का हर नागरिक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पाने का हकदार है। हमारी सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक अभाव के कारण इलाज से वंचित न रहे। यही सच्चे अर्थों में जनसेवा है। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना का मकसद हीं गंभीर बीमारियों जैसे हृदय रोग, कैंसर, किडनी फेल्योर, न्यूरोलॉजिकल विकार, बोन मैरो ट्रांसप्लांट आदि के लिए ज़रूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क उपचार प्रदान करना है। इस योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ के पात्र नागरिकों को राज्य सरकार द्वारा 20 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। अब तक इस योजना के माध्यम से हजारों रोगियों को जीवन रक्षक उपचार (Life-saving Treatment) मिल चुका है।

स्वास्थ्य सेवा में छत्तीसगढ़ का नया मॉडल

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ एक ह्यूमेन सेंट्रिक मॉडल स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक परिवार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ “डोर टू डोर हेल्थ कवरेज के तहत उपलब्ध कराई जाएँ। एम्स रायपुर और डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर ,राज्य के अन्य प्रमुख अस्पताल इस योजना के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

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