छत्तीसगढ़ में सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा को बढ़ावा, जेएनएम कॉलेज में शुरू होगा डीएम-कार्डियोलॉजी कोर्स
Healthbhaskar.com: रायपुर, 13 मार्च 2026| छत्तीसगढ़ की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देते हुए नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी ने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए पं.जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज रायपुर को डीएम-कार्डियोलॉजी (सुपर स्पेशियलिटी) की दो स्नातकोत्तर सीटों की अनुमति प्रदान की है। यह निर्णय राज्य में उन्नत चिकित्सा शिक्षा और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
यह अनुमति पं. दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष विश्वविद्यालय रायपुर के अंतर्गत संचालित मेडिकल कॉलेज द्वारा प्रस्तुत आवेदन और आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर दी गई है। एनएमसी के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने विशेषज्ञों के समूह तथा समीक्षा समिति के साथ कॉलेज की स्व-मूल्यांकन रिपोर्ट और मूल्यांकनकर्ताओं की रिपोर्ट का विस्तृत परीक्षण किया।
एनएमसी के मानकों के आधार पर मिली स्वीकृति
मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने परीक्षण के दौरान एनएमसी अधिनियम-2019, 2 जून 2023 को जारी स्थापना, मूल्यांकन और रेटिंग विनियम -2023 तथा 23 अगस्त 2024 को जारी PG-MSR 2023 के न्यूनतम मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया। सभी मानकों पर कॉलेज के प्रदर्शन को संतोषजनक पाए जाने के बाद शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए डीएम-कार्डियोलॉजी की दो सीटों को मंजूरी प्रदान की गई। यह निर्णय न केवल संस्थान के लिए बल्कि पूरे प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे राज्य में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी।
प्रदेश में बढ़ेंगे हृदय रोग विशेषज्ञ
डीएम-कार्डियोलॉजी जैसे सुपर स्पेशियलिटी कोर्स की सीटें मिलने से छत्तीसगढ़ में हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों के अनुसार हृदय रोग आज देश में मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है और इसके उपचार के लिए प्रशिक्षित विशेषज्ञों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। इस स्वीकृति से मेडिकल छात्रों को प्रदेश में ही उच्च स्तरीय सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, उन्नत कार्डियोलॉजी उपचार सुविधाओं के विकास और शोध गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मरीजों को मिलेगी बेहतर हृदय चिकित्सा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के विस्तार से राज्य के मरीजों को भी सीधा लाभ मिलेगा। नए विशेषज्ञ डॉक्टर तैयार होने से हृदय रोगों की जांच, उपचार और सर्जिकल सेवाओं की गुणवत्ता और उपलब्धता बेहतर होगी। विशेष रूप से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को इलाज के लिए बड़े महानगरों की ओर जाने की आवश्यकता कम हो सकती है। इससे समय और आर्थिक संसाधनों दोनों की बचत होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने दी बधाई
इस उपलब्धि पर छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह स्वीकृति राज्य में उच्च स्तरीय चिकित्सा शिक्षा और सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करना और विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना है, ताकि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें। उन्होंने विश्वास जताया कि इस उपलब्धि से प्रदेश में हृदय रोग उपचार की आधुनिक सुविधाएं और अधिक मजबूत होंगी तथा चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिलेगा।
