एम्स रायपुर में राष्ट्रीय बोन एंड जॉइंट वीक का शुभारंभ, साइकलाथॉन के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश
Healthbhaskar.com: 3 अगस्त 2025 ,AIIMS एम्स रायपुर के आर्थोपेडिक्स विभाग ने 1 से 7 अगस्त तक मनाए जाने वाले राष्ट्रीय बोन एंड जॉइंट वीक के अवसर पर जागरूकता अभियान की शानदार शुरुआत की गयी । भारतीय ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (IOA) की पहल से प्रेरित इस सप्ताह का उद्देश्य हड्डियों और जोड़ों के स्वास्थ्य के प्रति समाज और चिकित्सा समुदाय को सजग बनाना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 7:00 बजे शैक्षणिक भवन के समीप हुआ, जहाँ बड़ी संख्या में फैकल्टी सदस्य, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग ऑफिसर्स, फिजियोथेरेपिस्ट और अन्य स्टाफ ने भाग लिया। इस अवसर पर आर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल ने प्रेरणादायक सम्बोधन देते हुए कहा की हड्डियों की मजबूती और जोड़ों की सुरक्षा पर जोर डालते हुए बताया कि जीवनशैली में नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित आहार और समय पर स्क्रीनिंग जैसी आदतें हड्डियों के दीर्घकालिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
डॉ. अग्रवाल ने ऑस्टियोपोरोसिस को एक “साइलेंट महामारी” बताया, जो विशेष रूप से वृद्धावस्था और रजोनिवृत्त महिलाओं में तेजी से फैल रही है। उन्होंने इसके इलाज और रोकथाम के विभिन्न पहलुओं जैसे कैल्शियम-डि3 सप्लिमेंट, बिसफॉस्फोनेट्स, डेनोसुमैब, एबिलिटी-बूस्टिंग थैरेपी, गिरने के जोखिम को कम करने और नियमित बोन डेंसिटी जांच की विस्तृत जानकारी प्रदान की।
इसके पश्चात डॉ. बिक्रम केशरी कर ने उत्साहवर्धक वक्तव्य देते हुए इस सप्ताह के महत्व को रेखांकित किया और सामूहिक सहभागिता तथा IOA के ‘रोकथाम आधारित ऑर्थोपेडिक्स’ और जन शिक्षा के संदेश को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमित भी इस आयोजन में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीनियर-जूनियर रेजिडेंट, MCh फेलो, नर्सिंग अधिकारी, फिजियोथेरेपिस्ट और सुरक्षा कर्मियों ने सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा साइकलाथॉन, जिसमें प्रतिभागियों ने एम्स रायपुर परिसर के चार चक्कर लगाकर जोड़ों को अनुकूल व्यायाम का समर्थन किया। आयोजन को और भी प्रेरणादायक बनाने के लिए आर्थोपेडिक्स विभाग ने प्रतिभागियों को साइक्लिंग गियर, जैसे टी-शर्ट, कैप, बैगपैक और साइकिल प्रदान किए।
समापन के अवसर पर प्रो. डॉ. आलोक चंद्र अग्रवाल ने एक बार फिर सभी को हड्डियों की देखभाल के प्रति सजग रहने और ऑर्थोपेडिक बीमारियों की रोकथाम हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की जिम्मेदारी सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाना और रोकथाम की दिशा में कार्य करना भी उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आयोजन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में एम्स रायपुर की एक प्रभावशाली भागीदारी के रूप में मनाया जा रहा है।
