इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट (IAP) छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा “द्वितीय सी.जी. फिज़ियोकॉन 2025” का भव्य आयोजन
Healthbhaskar.com: रायपुर, 7 नवंबर 2025 छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आगामी रविवार, 9 नवम्बर 2025 को फिजियोथेरेपी पेशे के लिए एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रही है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट (Indian Association of Physiotherapists – IAP),छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा आयोजित द्वितीय सी.जी. फिज़ियोकॉन 2025 2nd CG PHYSIOCON 2025 का आयोजन शहीद स्मारक सभागार, रायपुर में भव्य रूप से किया जाएगा।
सम्मेलन का उद्देश्य: फिजियोथेरेपिस्टों को सशक्त बनाना, राष्ट्र को सशक्त बनाना
इस वर्ष के सम्मेलन की थीम Empowering Physios to Empower Nation है, जिसका अर्थ है “देश को सशक्त बनाने हेतु फिजियोथेरेपिस्टों को सशक्त बनाना है। यह विचार न केवल पेशे के सम्मान को दर्शाता है बल्कि स्वास्थ्य क्षेत्र में फिजियोथेरेपी की केंद्रीय भूमिका को भी स्थापित करता है।
मुख्य अतिथि और विशिष्ट उपस्थिति
इस आयोजन में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा, इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथैरेपिस्ट (IAP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजीव झा अपनी गरिमामयी उपस्थिति से सम्मेलन की शोभा बढ़ाएँगे। राज्य और देशभर से आने वाले फिजियोथेरेपिस्ट, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थी और नीति-निर्माण से जुड़े प्रतिनिधि इस अवसर पर शामिल होंगे।
फिजियोथेरेपी में नवाचार, शोध और तकनीकी प्रगति पर चर्चा
द्वितीय सी.जी. फिज़ियोकॉन 2025 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि ज्ञान, नवाचार और स्वास्थ्य सशक्तिकरण का मंच होगा। इस दौरान फिजियोथेरेपी क्षेत्र में नवीनतम क्लिनिकल प्रेजेंटेशन (Clinical Presentations), रिसर्च पेपर्स (Research Papers) और तकनीकी नवाचार (Technological Advancements) पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा रोबोटिक रिहैबिलिटेशन (Robotic Rehabilitation), स्पोर्ट्स फिजियोथेरेपी (Sports Physiotherapy), न्यूरोलॉजिकल रिहैब (Neurological Rehab), और पेन मैनेजमेंट (Pain Management) जैसे आधुनिक विषयों पर व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे।
ITSA Hospitals का सहयोग और तकनीकी दृष्टि
यह आयोजन ITSA Hospitals के सहयोग से संपन्न होगा। कार्यक्रम में डॉ. तनुश्री पीतलावार, HOD – Robotic Rehabilitation, ITSA Hospitals, विशेष अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वे फिजियोथेरेपी के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक असिस्टेंस (Robotic Assistance) के उपयोग पर अपने विचार साझा करेंगी। उनका संबोधन युवाओं के लिए अत्यंत प्रेरक होने की उम्मीद है।
शैक्षणिक संवाद और विशेषज्ञों की परिचर्चा (Conclave Session)
कार्यक्रम के संध्याकालीन सत्र में एक विशेष कॉन्क्लेव (Conclave Session) आयोजित किया जाएगा, जिसमें अकादमिक विशेषज्ञ, वरिष्ठ चिकित्सक और मीडिया प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस सत्र में चर्चा का केंद्र बिंदु भारत में स्वास्थ्य सेवाओं में फिजियोथेरेपी की भूमिका और भविष्य रहेगा। यह मंच स्वास्थ्य नीतियों में फिजियोथेरेपी को मुख्यधारा में शामिल करने की दिशा में एक सशक्त कदम होगा।
आयोजन समिति का नेतृत्व और तैयारी
सम्मेलन के सफल आयोजन की बागडोर संभाल ने हेतु अनुभवी टीम में डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती ,आयोजन अध्यक्ष डॉ. अखिलेश साहू ,आयोजन सचिव डॉ. विक्रम द्विवेदी ,कोषाध्यक्ष डॉ. मनीष तिवारी एवं डॉ. एम. फैजान खान ,उपाध्यक्ष शामिल है। आयोजन समिति ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य केवल अकादमिक चर्चा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पेशेवरों को जोड़ने और राज्य में फिजियोथेरेपी सेवाओं के मानकीकरण (Standardization of Physiotherapy Services) की दिशा में भी ठोस पहल है।
फिजियोथेरेपी – स्वास्थ्य क्रांति की नई दिशा
फिजियोथेरेपी केवल चोट या दर्द के उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि यह प्रिवेंटिव हेल्थ केयर (Preventive Health Care) और होलिस्टिक वेलनेस (Holistic Wellness) का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। छत्तीसगढ़ में यह पेशा तेज़ी से उभर रहा है। अस्पतालों, फिटनेस सेंटर्स, और खेल संस्थानों में फिजियोथेरेपिस्टों की भूमिका निरंतर बढ़ रही है।
डॉ. प्रशांत चक्रवर्ती ने कहा की यह सम्मेलन फिजियोथेरेपिस्टों को न केवल ज्ञान और कौशल से सशक्त करेगा, बल्कि उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय विकास से जोड़ने का माध्यम बनेगा। सम्मेलन का यह नारा आने वाले समय में एक प्रेरक आंदोलन बन सकता है। फिजियोथेरेपिस्ट शरीर की गति और स्वास्थ्य को बहाल करने वाले सच्चे ‘मूवमेंट इंजीनियर’ हैं। उनकी विशेषज्ञता राष्ट्र के श्रमबल को मजबूत बनाती है ,जिससे उत्पादकता और जीवन गुणवत्ता दोनों में सुधार आता है।
सम्मेलन की झलक और सहभागिता
राज्यभर के फिजियोथेरेपी कॉलेजों में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा और अंबिकापुर से सैकड़ों विद्यार्थी और शिक्षक इस आयोजन में हिस्सा लेंगे। इस मौके पर पोस्टर प्रेजेंटेशन, केस स्टडी प्रतियोगिता, और “फिजियो आइडिया एक्सपो” का भी आयोजन होगा, जिसमें युवा प्रतिभागी अपने नवाचार प्रदर्शित करेंगे।
स्वास्थ्य, शिक्षा और नवाचार का संगम
द्वितीय सी.जी. फिज़ियोकॉन 2025” केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि फिजियोथेरेपी के पेशेवर उत्थान (Professional Upliftment) और जनस्वास्थ्य जागरूकता (Public Health Awareness) का उत्सव है। यह सम्मेलन छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिजियोथेरेपी मानचित्र पर नई पहचान देगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरक आधार बनेगा।
