गंभीर बीमार बच्चों को मिलेगा त्वरित इलाज, पीडियाट्रिक लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस बढ़ाने का फैसला
Healthbhaskar.com: रायपुर, 15 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश में संचालित 108 संजीवनी एम्बुलेंस सेवा के तहत पहली बार पीडियाट्रिक एडवांस लाइफ सपोर्ट PALS एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके साथ ही सेवा के संचालन के लिए नई एजेंसी नियुक्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल से होने की संभावना है। इस फैसले से खासकर गंभीर रूप से बीमार बच्चों और नवजात शिशुओं को समय पर उन्नत चिकित्सा सहायता मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार राज्य में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और तेज बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद 108 सेवा की प्रतिक्रिया समय (Response Time) को कम करने के लिए आधुनिक कॉल ट्रैकिंग और रिस्पॉन्स सिस्टम भी विकसित किया जाएगा, जिससे मरीजों तक एम्बुलेंस जल्दी पहुंच सकेगी।
बच्चों के लिए पहली बार विशेष एम्बुलेंस
अब तक प्रदेश में सामान्य आपातकालीन सेवाओं के लिए 108 एम्बुलेंस का उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन बच्चों और नवजातों की गंभीर स्थिति में विशेष सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। इसी को ध्यान में रखते हुए पहली बार पीडियाट्रिक एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस को सेवा में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इन एम्बुलेंस में बच्चों के लिए विशेष चिकित्सा उपकरण, वेंटिलेशन सपोर्ट, ऑक्सीजन सप्लाई, मॉनिटरिंग सिस्टम और प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे नवजात और बाल रोग से जुड़ी आपात स्थितियों में मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।
संजीवनी सेवा के संचालन के लिए नई एजेंसी
सूत्रों के मुताबिक वर्तमान व्यवस्था में कई तकनीकी और संचालन संबंधी चुनौतियां सामने आ रही थीं। इन्हें दूर करने के लिए सरकार ने 108 सेवा के संचालन के लिए नई एजेंसी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इस नई एजेंसी के माध्यम से पूरे राज्य में एम्बुलेंस सेवा को अधिक आधुनिक और प्रभावी बनाया जाएगा। नई एजेंसी के चयन के बाद पूरे सिस्टम को अपडेट किया जाएगा, जिसमें कॉल रिस्पॉन्स मैनेजमेंट, जीपीएस आधारित ट्रैकिंग, और डिजिटल मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। इससे एम्बुलेंस की लोकेशन और मरीज तक पहुंचने के समय की निगरानी बेहतर तरीके से हो सकेगी।
गर्भवती महिलाओं के लिए अलग परिवहन सुविधा
राज्य में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए गर्भवती महिलाओं के लिए विशेष परिवहन व्यवस्था भी मजबूत की जा रही है। इसके तहत अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 102 महतारी एक्सप्रेस सेवा का उपयोग किया जाएगा। इस सेवा के जरिए गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि 102 और 108 दोनों सेवाओं के समन्वय से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ के कई जिले आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना चुनौतीपूर्ण होता है। नई एम्बुलेंस व्यवस्था के बाद इन क्षेत्रों में भी आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं अधिक तेज और प्रभावी होंगी।विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक से लैस एम्बुलेंस और प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ के माध्यम से गंभीर मरीजों को प्राथमिक उपचार तुरंत मिल सकेगा, जिससे अस्पताल पहुंचने से पहले होने वाली जटिलताओं को कम किया जा सकेगा।
प्रतिक्रिया समय कम करने पर जोर
राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 108 सेवा का रिस्पॉन्स टाइम कम से कम किया जाए। वर्तमान में कई क्षेत्रों में एम्बुलेंस के पहुंचने में अधिक समय लग जाता है, लेकिन नई एजेंसी और बेहतर तकनीक के माध्यम से इस समस्या को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए कॉल सेंटर सिस्टम को भी अपग्रेड किया जाएगा, ताकि आपातकालीन कॉल मिलते ही निकटतम एम्बुलेंस को तुरंत भेजा जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की दिशा में बड़ा कदम
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 108 एम्बुलेंस सेवा का विस्तार और पीडियाट्रिक लाइफ सपोर्ट सुविधा का शामिल होना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम है। इससे खासकर नवजात शिशुओं और बच्चों की आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देगी और आम जनता को समय पर बेहतर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराएगी।
