CGDF ने रखीं दो प्रमुख मांगें, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सकारात्मक कार्यवाही का आश्वासन
Healthbhaskar.com: रायपुर, 31 अक्टूबर 2025 राज्य के चिकित्सा जगत से जुड़े एक महत्वपूर्ण संवाद के तहत छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन CGDF के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए दो प्रमुख मांगें रखीं हैं। जिनका संबंध प्रत्यक्ष रूप से राज्य के चिकित्सकों की सुविधा, शिक्षा के अवसरों और स्वास्थ्य संस्थानों की सांस्कृतिक गरिमा संबधित है। ज्ञापन में पहली मांग उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले चिकित्सकों से संबंधित थी, जबकि दूसरी मांग छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और स्वास्थ्य संस्थानों के वातावरण से जुड़ी थी। दोनों ही मुद्दे लंबे समय से चिकित्सक समुदाय के लिए चिंता का विषय रहे हैं।
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन CGDF के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह के नेतृत्व में मंत्री से हुई इस मुलाकात में संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल थे। मुलाकात के दौरान डॉ. हीरा सिंह ने कहा, हमारा उद्देश्य सरकार के साथ संवाद कर ऐसे व्यावहारिक समाधान निकालना है, जिससे न केवल डॉक्टरों को राहत मिले, बल्कि राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार हो सकता है।
पहली मांग NOC के लिए संपत्ति गिरवी रखने की अनिवार्यता समाप्त हो
ज्ञापन में CGDF ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चिकित्सकों को उच्च शिक्षा जैसे पीजी (Post Graduation) या सुपर स्पेशियलिटी कोर्स में प्रवेश लेने के लिए संपत्ति गिरवी रखने की अनिवार्यता झेलनी पड़ती है। यह प्रक्रिया न केवल जटिल है, बल्कि कई युवा चिकित्सकों के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से कठिन साबित होती है। CGDF का कहना है कि यह नीति उन प्रतिभाशाली डॉक्टरों के लिए बाधक बन रही है,जो सीमित संसाधनों में अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। संगठन ने मांग की कि NOC (No Objection Certificate) जारी करने के लिए संपत्ति गिरवी रखने का नियम समाप्त किया जाए या कम से कम इसे सरल बनाया जाए।
इस विषय पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि वे इस मुद्दे पर संवेदनशील दृष्टिकोण से विचार करेंगे और शिक्षा विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त स्तर पर समाधान खोजा जाएगा। मंत्री ने कहा,राज्य सरकार का उद्देश्य है कि हमारे डॉक्टर अपनी योग्यता और सेवा भावना के आधार पर आगे बढ़ें, न कि किसी प्रशासनिक जटिलता से बाधित हों।
दूसरी मांग स्वास्थ्य संस्थानों में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापना
CGDF की दूसरी मांग भावनात्मक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। संगठन ने प्रस्ताव रखा कि आगामी छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवंबर के अवसर पर सभी मेडिकल कॉलेजों, जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा स्थापित की जाए। साथ ही, इस अवसर पर स्वर्गीय पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के योगदान को याद करते हुए विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाए।
CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने कहा कि,छत्तीसगढ़ महतारी केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि राज्य की आत्मा हैं। अगर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में उनकी प्रतिमा स्थापित की जाती है, तो यह डॉक्टरों और मरीजों दोनों के बीच एक सकारात्मक सांस्कृतिक वातावरण का निर्माण करेगी। इस पहल से स्वास्थ्य संस्थानों में राज्य गौरव, संस्कृति और सेवा भावना का नया अध्याय शुरू होगा।
मंत्री ने दिया कार्यवाही का आश्वासन
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने दोनों मांगों को गंभीरता से सुनते हुए प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे शीघ्र ही दोनों विषयों पर विभागीय समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेंगे। उन्होंने कहा की चिकित्सक समाज हमारे स्वास्थ्य तंत्र की रीढ़ हैं। सरकार उनकी भावनाओं का सम्मान करती है और व्यावहारिक समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार इंफ्रास्ट्रक्चर, मानव संसाधन और नीति सुधारों पर काम कर रही है।
CGDF की प्रतिक्रिया
बैठक के बाद CGDF के प्रवक्ता डॉ. गंधर्व पांडे ने बताया की मंत्री जी द्वारा दिए गए सकारात्मक आश्वासन का स्वागत करते हैं। हमें विश्वास है कि इन दोनों मुद्दों पर जल्द ही ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे राज्य के चिकित्सक समुदाय को राहत मिलेगी। संगठन का उद्देश्य केवल अपनी मांगों को रखना नहीं, बल्कि सरकार के साथ सहयोगपूर्ण माहौल बनाकर राज्य के स्वास्थ्य तंत्र को और प्रभावी बनाना है।
स्वास्थ्य सेवाओं में संवेदनशील बदलाव की दिशा में कदम
CGDF की ये दोनों मांगें केवल डॉक्टरों की सुविधा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह राज्य की चिकित्सा व्यवस्था, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सांस्कृतिक पहचान के संतुलन की ओर एक नई सोच को दर्शाती हैं। जहाँ एक ओर NOC नीति में सुधार युवाओं को शिक्षा के नए अवसर देगा, वहीं छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति स्थापना स्वास्थ्य संस्थानों को “सेवा और संस्कृति” के भाव से जोड़ने का कार्य करेगी। राज्य के चिकित्सा क्षेत्र में यह पहल एक संवेदनशील प्रशासन और जागरूक चिकित्सक समाज के बीच सहयोग का उदाहरण बन सकती है।
