ACCLMPCON 2026 : डॉ. देबाशीष और डॉ. जयप्रीति ने बढ़ाया छत्तीसगढ़ का मान
Healthbhaskar.com: रायपुर 06 फरवरी 2026। रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण तब आया जब अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान AIIMS, रायपुर के बायोकेमिस्ट्री विभाग के पीजी छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित “ACCLMPCON 2026 PG” क्विज प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करते हुए तीसरा स्थान हासिल किया। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक लखनऊ में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों के प्रतिभाशाली पीजी रेजिडेंट्स ने भाग लिया था।
डॉ. देबाशीष और डॉ.जयप्रीति की अगुवाई में टीम ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन
एम्स रायपुर के बायोकेमिस्ट्री विभाग के 2023-2026 बैच के पीजी छात्र डॉ. देबाशीष और डॉ. जयप्रीति ने छत्तीसगढ़ राज्य टीम का नेतृत्व किया तथा उनके साथ पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर के डॉ. दक्ष भी टीम में शामिल थे। इस मजबूत टीम ने क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री, मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, लैब क्वालिटी मैनेजमेंट और मल्टीडिसिप्लिनरी नॉलेज में अपनी दक्षता साबित करते हुए देशभर की शीर्ष टीमों को कड़ी टक्कर दी।
कठिन प्रतिस्पर्धा में हासिल किया राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
ACCLMPCON 2026 PG क्विज में देश के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों से आए प्रतिभागियों के बीच जबरदस्त प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। इस चुनौतीपूर्ण माहौल में छत्तीसगढ़ की टीम ने तीसरा स्थान हासिल कर राज्य और संस्थान दोनों का मान बढ़ाया। यह उपलब्धि छात्रों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
संस्थान के नेतृत्व ने दी बधाई
एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने विजेता छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता एम्स रायपुर की शैक्षणिक गुणवत्ता और निरंतर नवाचार का परिणाम है। उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. एली मोहापात्रा एवं पूरी फैकल्टी टीम की सराहना की, जिनके मार्गदर्शन में छात्रों ने यह मुकाम हासिल किया।
मजबूत मार्गदर्शन और समर्पित शिक्षण टीम की भूमिका
एम्स रायपुर के बायोकेमिस्ट्री विभाग का नेतृत्व डॉ. एली मोहापात्रा कर रहे हैं। उनके साथ डॉ. रचिता नंदा, डॉ. सुप्रवा पटेल, डॉ. जेसी अब्राहम, डॉ. सीमा शाह, डॉ. डी.एल. गुप्ता, डॉ. नेहा रानी वर्मा एवं डॉ. विभा साखरे जैसे अनुभवी शिक्षकों ने छात्रों को निरंतर मार्गदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया। इस मजबूत मेंटरशिप ने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सक्षम बनाया।

