सर्दी से गर्मी के मौसम में सेहत का संतुलन बनाए रखने में सही आहार जरुरी
Healthbhaskar.com: रायपुर 01 फरवरी 2026। सर्दी से गर्मी की ओर बढ़ते संक्रमण काल के रूप में पहचाने जाने वाले फरवरी महीने में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। इस दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव, वायरल संक्रमण और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो जाती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, फरवरी में संतुलित, मौसमी और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट प्लान अपनाकर न केवल बीमारियों से बचाव किया जा सकता है, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाया जा सकता है।
मौसम परिवर्तन और शरीर की ज़रूरतें
फरवरी में ठंड धीरे-धीरे कम होने लगती है, लेकिन सुबह-शाम ठंडक बनी रहती है। इस परिवर्तन का सीधा असर शरीर की इम्यूनिटी और मेटाबॉलिज़्म पर पड़ता है। पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय शरीर को ऐसे खाद्य पदार्थों की आवश्यकता होती है, जो ऊर्जा देने के साथ-साथ संक्रमण से भी सुरक्षा प्रदान करें। हल्का, सुपाच्य और पोषक आहार इस मौसम में सबसे उपयुक्त माना जाता है।
फरवरी डाइट प्लान में क्या हो शामिल
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी के डाइट प्लान में हरी सब्ज़ियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, प्रोटीन और स्वस्थ वसा का संतुलन बेहद आवश्यक है। पालक, मेथी, सरसों जैसी हरी सब्ज़ियां आयरन और फाइबर से भरपूर होती हैं। संतरा, अमरूद, कीवी और स्ट्रॉबेरी जैसे फल विटामिन-C प्रदान कर इम्यूनिटी बढ़ाते हैं।
प्रोटीन और कैल्शियम की भूमिका
इस मौसम में मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और कैल्शियम का सेवन ज़रूरी है। दालें, चना, राजमा, अंडा, दूध, दही और पनीर फरवरी के लिए उपयुक्त आहार माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह के नाश्ते में प्रोटीन शामिल करने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है।
पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के उपाय
फरवरी में पाचन संबंधी समस्याएं आम हो सकती हैं। ऐसे में हल्का और फाइबर युक्त भोजन लाभकारी होता है। दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस और मौसमी सब्ज़ियों का सेवन पाचन को बेहतर बनाता है। इसके साथ ही गुनगुना पानी, छाछ और दही आंतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।
क्या न खाएं: सावधानी भी है ज़रूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार फरवरी में अत्यधिक तले-भुने, बहुत अधिक मीठे और प्रोसेस्ड फूड से बचना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं और वजन बढ़ने का कारण बनते हैं। साथ ही, ठंडे पेय और बासी भोजन का सेवन भी सीमित रखना चाहिए।
हाइड्रेशन और जीवनशैली का महत्व
डाइट के साथ-साथ पर्याप्त पानी पीना और नियमित दिनचर्या अपनाना भी जरूरी है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि दिन में कम से कम 7–8 गिलास पानी पिया जाए। हल्की एक्सरसाइज़, योग और सुबह की धूप शरीर को सक्रिय और स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होती है।
विशेषज्ञों की सलाह
पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि फरवरी का डाइट प्लान न तो बहुत भारी होना चाहिए और न ही बहुत हल्का। सही मात्रा, सही समय और संतुलित पोषण ही इस मौसम में स्वस्थ रहने की कुंजी है। व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आहार में बदलाव के लिए डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना भी महत्वपूर्ण है।
