स्वस्थ छत्तीसगढ़ का संदेश: CM साय ने स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ
Healthbhaskar.com: रायपुर, 17 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का भव्य शुभारंभ किया गया। इस शिविर का उद्घाटन मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं की स्वास्थ्य जांच कराकर समाज को यह संदेश दिया कि नियमित स्वास्थ्य परीक्षण आज की जीवनशैली में अत्यंत आवश्यक हो गया है। कार्यक्रम में चरणदास महंत, श्याम बिहारी जायसवाल सहित कई जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे। इस आयोजन ने न केवल जनप्रतिनिधियों बल्कि आम नागरिकों के बीच भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सन्देश दिया है।
स्वास्थ्य जांच से जागरूकता का संदेश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोगों की शारीरिक गतिविधियां कम होती जा रही हैं, जिसके कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और अन्य जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना बेहद जरूरी हो गया है। मुख्यमंत्री ने स्वस्थ समाज की आधारशिला बताते हुए कहा कि यदि व्यक्ति नियमित जांच कराता है, तो वह समय रहते संभावित बीमारियों के प्रति सचेत हो सकता है और आवश्यक सावधानियां अपनाकर गंभीर स्थिति से बच सकता है। इस स्वास्थ्य शिविर में विधानसभा के जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया गया।
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर लोकतांत्रिक संस्थानों में कार्यरत लोगों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को बीमारी से पहले ही जागरूक करना और रोकथाम को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में ऐसे शिविरों का आयोजन अन्य शासकीय संस्थानों में भी किया जाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष की पहल सराहनीय
मुख्यमंत्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष द्वारा इस स्वास्थ्य शिविर के आयोजन की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य की चिंता को दर्शाती है, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश भी देती है। जब नीति-निर्माता स्वयं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे, तो इसका प्रभाव समाज के हर वर्ग पर पड़ेगा और लोग भी अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे।
विभिन्न जांच और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध
तीन दिवसीय इस स्वास्थ्य शिविर में कई प्रकार की स्वास्थ्य जांच और विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसमें ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल, ईसीजी, सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण, नेत्र जांच और अन्य आवश्यक जांच शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा मरीजों को परामर्श भी दिया जा रहा है, ताकि वे अपनी जीवनशैली में आवश्यक सुधार कर सकें। शिविर में आधुनिक उपकरणों का उपयोग कर सटीक जांच सुनिश्चित की जा रही है।
स्वस्थ नागरिक, समृद्ध राज्य
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि स्वस्थ नागरिक ही एक मजबूत और समृद्ध राज्य की नींव रखते हैं। यदि समाज का हर व्यक्ति स्वस्थ रहेगा, तो वह अपनी जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन कर सकेगा और राज्य के विकास में योगदान देगा। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
स्वास्थ्य विभाग की सक्रिय भूमिका
इस शिविर के सफल आयोजन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा अहम भूमिका निभाई गयी। कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के सचिव, संचालक स्वास्थ्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को और अधिक प्रभावी बनाया है। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है और भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे।
जनजागरूकता की दिशा में प्रभावी पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर लोगों को न केवल जांच की सुविधा देते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार भी बनाते हैं। इससे समय रहते बीमारियों की पहचान संभव होती है और उपचार की प्रक्रिया आसान हो जाती है। यह पहल “रोकथाम बेहतर है इलाज से” की अवधारणा को मजबूत करती है और समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करती है।
