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छत्तीसगढ़ में 108 एम्बुलेंस सेवा का बड़ा विस्तार, अब 375 एम्बुलेंस से मिलेगी त्वरित मदद

Healthbhaskar.com: रायपुर, 17 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश में संचालित 108 संजीवनी एक्सप्रेस एम्बुलेंस सेवा का विस्तार करते हुए अब कुल एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाकर 375 कर दी गई है। इस विस्तार से न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि आपात स्थितियों में मरीजों तक त्वरित और प्रभावी चिकित्सा सहायता सुनिश्चित हो सकेगी।

यह सेवा GVK EMRI ग्रीन हेल्थ सर्विसेज द्वारा संचालित की जाएगी, जो देशभर में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी दक्षता और आधुनिक तकनीक के लिए जानी जाती है। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ में आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली पहले की तुलना में अधिक तेज, संगठित और प्रभावी हो जाएगी।

एम्बुलेंस बेड़े में बड़ा इजाफा

स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, विस्तारित बेड़े में कुल 375 एम्बुलेंस शामिल होंगी। इनमें विभिन्न प्रकार की जीवनरक्षक सुविधाओं से लैस एम्बुलेंस शामिल हैं,

  • 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) एम्बुलेंस
  • 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस
  • 5 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट नियोनेटल (ALS Neonatal) एम्बुलेंस

इस तरह का संतुलित और उन्नत एम्बुलेंस नेटवर्क राज्य के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को समान रूप से सुलभ बनाने में मदद करेगा। विशेष रूप से नवजात और गंभीर मरीजों के लिए ALS और नियोनेटल एम्बुलेंस की उपलब्धता जीवनरक्षक साबित होगी।

आधुनिक तकनीक से लैस नई एम्बुलेंस

नई एम्बुलेंस अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित हैं, जिनमें ऑक्सीजन सपोर्ट, वेंटिलेटर, मॉनिटरिंग सिस्टम और आपातकालीन दवाएं शामिल हैं। ये सभी एम्बुलेंस BS-VI उत्सर्जन मानकों और AIS-125 सुरक्षा मानकों के अनुरूप तैयार की गई हैं, जिससे ये पर्यावरण के अनुकूल और तकनीकी रूप से सुरक्षित हैं। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही एम्बुलेंस में प्राथमिक उपचार मिल सकेगा, जिससे गंभीर स्थितियों में मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलेगी।

सेवा क्षमता में होगा उल्लेखनीय सुधार

108 सेवा के विस्तार का सीधा असर इसकी कार्यक्षमता पर भी पड़ेगा। पहले जहां एक एम्बुलेंस औसतन प्रतिदिन तीन ट्रिप करती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर चार ट्रिप तक पहुंच जाएगी। इसका मतलब है कि एक ही दिन में अधिक मरीजों तक सेवा पहुंचाई जा सकेगी। वर्तमान में 300 एम्बुलेंस प्रतिदिन लगभग 900 मरीजों को सेवा प्रदान कर रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह क्षमता बढ़कर करीब 1500 मरीज प्रतिदिन तक पहुंच जाएगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं, हृदयाघात, प्रसव और अन्य आपात स्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित होगी।

तकनीकी नवाचार से बढ़ी दक्षता

सेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए Location Based Services (LBS) और Mobile Data Terminal (MDT) जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है। इन तकनीकों के माध्यम से एम्बुलेंस की रीयल-टाइम ट्रैकिंग, कॉल मैनेजमेंट और डिस्पैच सिस्टम को मजबूत किया गया है। इससे आपातकालीन कॉल मिलने के तुरंत बाद नजदीकी एम्बुलेंस को भेजा जा सकेगा, जिससे प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और मरीजों को जल्दी सहायता मिल सकेगी।

आंकड़ों में दिखा सकारात्मक बदलाव

108 एम्बुलेंस सेवा में किए गए सुधारों का असर आंकड़ों में भी स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वर्ष 2019 में जहां लगभग 3.28 लाख मरीजों को सेवा प्रदान की गई थी, वहीं वर्ष 2026 में यह संख्या बढ़कर 4.38 लाख तक पहुंच गई है। यह करीब 33 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। इसके साथ ही परिचालन दक्षता में सुधार के कारण प्रति केस लागत में 17.4 प्रतिशत की कमी भी दर्ज की गई है, जो इस सेवा के बेहतर प्रबंधन और संसाधनों के कुशल उपयोग को दर्शाता है।

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों को मिलेगा लाभ

छत्तीसगढ़ के कई हिस्से दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्थित हैं, जहां समय पर चिकित्सा सहायता पहुंचाना एक बड़ी चुनौती होती है। एम्बुलेंस सेवा के इस विस्तार से इन क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी आएगी और गंभीर बीमारियों के मामलों में समय पर उपचार मिल सकेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम

108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा का यह विस्तार छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल आपातकालीन सेवाएं मजबूत होंगी, बल्कि लोगों का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर विश्वास भी बढ़ेगा। राज्य सरकार का यह प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने और “समय पर उपचार, सुरक्षित जीवन” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

 


 

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