पं जेएनएम मेडिकल कॉलेज रायपुर में गुड क्लिनिकल लैबोरेटरी प्रैक्टिसेस पर कार्यशाला का सफल आयोजन
Healthbhaskar.com: रायपुर 03 फरवरी 2026। राज्य के प्रमुख शासकीय चिकित्सा शिक्षण संस्थान पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज, रायपुर में गुड क्लिनिकल लैबोरेटरी प्रैक्टिसेस (GCLP) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कॉलेज के अकादमिक सेल के अंतर्गत, मेडिकल प्रयोगशालाओं में गुणवत्ता, मानकीकरण और वैज्ञानिक नैतिकता को सुदृढ़ करने हेतु आयोजित की गयी।
कार्यशाला का संरक्षण एवं नेतृत्व
इस शैक्षणिक कार्यशाला का आयोजन डीन डॉ. विवेक चौधरी के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम के संयोजन में डॉ. निधि पांडेय, विभागाध्यक्ष, नेत्र रोग विभाग तथा डॉ. वर्षा पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर ,पैथोलॉजी एवं सचिव, एकेडमिक सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन में कॉलेज के विभिन्न विभागों के संकाय सदस्य, स्नातकोत्तर विद्यार्थी एवं शोधार्थियों द्वारा सक्रिय सहभागिता निभाई गयी।
GCLP का महत्व और उद्देश्य
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मेडिकल प्रयोगशालाओं में स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसेडर्स SOPs, गुणवत्ता नियंत्रण, डेटा प्रबंधन और नैतिक अनुसंधान पद्धतियों की जानकारी देना था। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि गुड़ क्लीनिकल लेबोरेटरी प्रैक्टिस न केवल सटीक और विश्वसनीय जांच रिपोर्ट सुनिश्चित करती हैं, बल्कि चिकित्सा अनुसंधान की विश्वसनीयता को भी मजबूत बनाने में अहम् भूमिका निभाती हैं।
कोर्स कोऑर्डिनेटर का मार्गदर्शन
कार्यशाला की कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ. राबिया परवीन सिद्दीकी, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी ने GCLP के ऐतिहासिक विकास पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार प्रयोगशाला पद्धतियाँ समय के साथ विकसित हुई हैं और आज के दौर में ICMR 2021 Guidelines तथा NMC द्वारा निर्धारित अनिवार्य आवश्यकताओं का पालन करना स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अत्यंत आवश्यक हो गया है।
ICMR और NMC दिशानिर्देशों पर विशेष फोकस
डॉ. सिद्दीकी ने अपने व्याख्यान में यह भी रेखांकित किया कि ICMR के नवीनतम दिशा-निर्देश और NMC के मानक, मेडिकल शिक्षा और शोध की गुणवत्ता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हैं। इन दिशानिर्देशों के पालन से प्रयोगशाला त्रुटियों में कमी आती है और रोगियों को अधिक सटीक निदान प्राप्त होता है।
शैक्षणिक एवं अनुसंधान गुणवत्ता को बढ़ावा
कार्यशाला यह दर्शाती है कि पं जेएनएम मेडिकल कॉलेज रायपुर, गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को प्राथमिकता देने के लिए सतत प्रयासरत है। यह पहल केंद्र प्रायोजित स्वास्थ्य संस्थानों के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिससे संस्थान की अकादमिक और रिसर्च प्रोफाइल को नई मजबूती मिली है।
सहयोगी टीम की सराहनीय भूमिका
इस कार्यशाला के सफल आयोजन में डॉ. निकिता शेरवानी, डॉ. स्नेहा दादरिया, डॉ. वनिता भास्कर, डॉ. प्रभा ठाकुर, डॉ. नेहा सरजल एवं सुश्री प्रतिभा सरकार का विशेष सहयोग रहा। सभी ने आयोजन को सुव्यवस्थित और ज्ञानवर्धक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया गया।
जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन JDA की प्रतिक्रिया
कार्यशाला को लेकर JDA रायपुर ने संतोष व्यक्त करते हुए डीन डॉ. विवेक चौधरी एवं एकेडमिक सेल का आभार प्रकट किया। JDA रायपुर के डॉ. रेशम सिंह ,अध्यक्ष एवं डॉ. अमित बंजारा सचिव ने इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि बिना किसी शुल्क के इस प्रकार की कार्यशालाएँ युवा डॉक्टरों के करियर में विकास लाने हेतु मील का पत्थर साबित होती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं पर दीर्घकालिक प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार, GCLP का प्रभावी क्रियान्वयन न केवल प्रयोगशाला सेवाओं की गुणवत्ता को बढ़ाएगा, बल्कि राज्य की संपूर्ण स्वास्थ्य व्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। इससे मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और विश्वसनीय जांच सुविधाएँ प्राप्त होंगी तथा शोध कार्यों में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन सुनिश्चित होगा। पं जेएनएम मेडिकल कॉलेज रायपुर में आयोजित यह GCLP कार्यशाला मेडिकल शिक्षा, अनुसंधान और नैदानिक सेवाओं की गुणवत्ता को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है। ऐसे आयोजन संस्थान की गुणवत्ता, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

