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एनसीडब्ल्यू स्थापना दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का संबोधन: महिला स्वास्थ्य और निवारक चिकित्सा को राष्ट्रीय विकास का आधार बताया

Healthbhaskar.com: नई दिल्ली 31 जनवरी 2026। राष्ट्रीय महिला आयोग एनसीडब्ल्यू NCW के 34वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की स्वास्थ्य नीति अब केवल उपचार तक सीमित न रहकर निवारक और संवर्धक स्वास्थ्य सेवा मॉडल की ओर निर्णायक रूप से अग्रसर हो चुकी है। उन्होंने महिला-नेतृत्व वाले विकास को भारत की समावेशी प्रगति का केंद्रीय आधार बताया है।

महिला सशक्तिकरण से ही समावेशी विकास संभव

केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने अपने मुख्य भाषण में कहा कि महिलाओं का स्वास्थ्य, सुरक्षा, गरिमा और सशक्तिकरण केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का मूल स्तंभ है। उन्होंने कहा कि एनसीडब्ल्यू की 34 वर्षों की यात्रा इस बात का प्रमाण है कि संस्थाएं केवल कानूनों से नहीं, बल्कि संवेदनशीलता, प्रतिबद्धता और निरंतर प्रयासों से समाज में बदलाव लाती हैं।

उपचार से आगे बढ़कर निवारक स्वास्थ्य मॉडल की ओर भारत

स्वास्थ्य नीति में आए व्यापक बदलावों पर प्रकाश डालते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 ने निवारक, संवर्धक, उपचारात्मक, उपशामक और पुनर्वास सेवाओं को एकीकृत किया। इसके अंतर्गत देशभर में 1.81 लाख से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापित किए गए हैं, जो 1.4 अरब से अधिक नागरिकों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।इन केंद्रों में मातृ एवं प्रजनन स्वास्थ्य को बारह व्यापक स्वास्थ्य पैकेजों के अंतर्गत प्राथमिकता दी गई है।

यू-विन प्लेटफॉर्म से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की डिजिटल निगरानी

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि सरकार गर्भावस्था से लेकर बच्चे के 16 वर्ष की आयु तक निरंतर स्वास्थ्य निगरानी सुनिश्चित कर रही है। यू-विन डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्तमान में 5 करोड़ से अधिक माताओं और बच्चों की निगरानी की जा रही है, जिससे समय पर टीकाकरण, प्रसवपूर्व देखभाल और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता सुनिश्चित हो रही है। 2016 से 2024 के बीच 75 लाख से अधिक प्रसवपूर्व जांच की गईं और संस्थागत प्रसवों में 89 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

मातृ मृत्यु दर में ऐतिहासिक गिरावट

स्वास्थ्य मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि भारत में मातृ मृत्यु दर (MMR) 2014-15 में 130 से घटकर अब 88 प्रति लाख जीवित जन्म हो गई है, जो वैश्विक स्तर पर सबसे तेज़ गिरावटों में से एक है। यह उपलब्धि निवारक स्वास्थ्य सेवाओं, आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और मजबूत सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे का परिणाम है।

गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान से जीवन रक्षा

आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से अब तक करोड़ों लोगों की हाइपरटेंशन, डायबिटीज़, मुख कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और स्तन कैंसर की जांच की जा चुकी है। समय रहते पहचान से लाखों लोगों को शीघ्र उपचार मिला है, जिससे जीवन रक्षा और उपचार लागत में उल्लेखनीय कमी आई है।

टेली-मानस: मानसिक स्वास्थ्य में बड़ी पहल

मानसिक स्वास्थ्य पर बोलते हुए श्री नड्डा ने टेली-मानस हेल्पलाइन को एक क्रांतिकारी पहल बताया, जो 20 भाषाओं में 24×7 परामर्श सेवाएं प्रदान कर रही है। इससे महिलाओं सहित समाज के सभी वर्गों को कलंक-मुक्त और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिल रही है।

‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान से करोड़ों महिलाओं को लाभ

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत देशभर की 11 करोड़ से अधिक महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान एनसीडी, टीबी, कुष्ठ रोग सहित अन्य बीमारियों की पहचान कर समय पर उपचार सुनिश्चित किया गया।

महिला-केंद्रित शासन रहेगा राष्ट्रीय नीति का केंद्र

अपने समापन संबोधन में श्री नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में महिला-केंद्रित शासन राष्ट्रीय नीति निर्माण का केंद्र बना रहेगा। उन्होंने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे सतत सुधारों और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रतिबद्ध रहें, ताकि एक समावेशी, न्यायसंगत और सशक्त भारत का निर्माण हो सके।

 


 

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