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बजट सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संदेश: स्वास्थ्य और कल्याण को राष्ट्रीय विकास का मजबूत आधार स्वास्थ्य को बनाया समावेशी विकास का केंद्र

Healthbhaskar.comरायपुर 28  जनवरी , 2026। भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बजट सत्र के शुभारंभ पर संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” के व्यापक और समावेशी दृष्टिकोण को देश के सामने रखा। अपने संबोधन में उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने और प्रत्येक नागरिक के स्वास्थ्य स्तर में सुधार को सरकार की प्राथमिकता बताया। राष्ट्रपति ने स्पष्ट रूप से कहा कि स्वास्थ्य और कल्याण किसी भी राष्ट्र की मानव पूंजी विकास और दीर्घकालिक प्रगति का मूल स्तंभ है।

गरीब और वंचित वर्गों के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं पर ज़ोर

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में समाज के गरीब, कमजोर और वंचित वर्गों के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समावेशी राष्ट्रीय विकास तभी संभव है जब देश का हर नागरिक स्वस्थ और सक्षम हो।

आयुष्मान भारत से करोड़ों को मिला निःशुल्क इलाज

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की प्रमुख पहलों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक 11 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा चुका है। केवल पिछले एक वर्ष में ही करीब 2.5 करोड़ गरीब और वंचित नागरिकों ने सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के अंतर्गत मुफ्त इलाज का लाभ उठाया, जिससे माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का दायरा व्यापक हुआ है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड

वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण की दिशा में सरकार की पहल को रेखांकित करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि पिछले डेढ़ वर्षों में करीब 1 करोड़ आयुष्मान वय वंदना कार्ड जारी किए गए हैं। इसके माध्यम से लगभग 8 लाख बुजुर्ग नागरिकों को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूती

देश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को सुदृढ़ करने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि वर्तमान में देशभर में 1.80 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर कार्यरत हैं। ये केंद्र विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और कम सुविधा वाले क्षेत्रों में व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं।

रोग निवारण में मिशन मोड पर सरकार

रोग निवारण और जनस्वास्थ्य प्रबंधन के क्षेत्र में सरकार की सक्रियता का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत 6.5 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इसके परिणामस्वरूप रोगों की समय पर पहचान और प्रभावी रोकथाम संभव हुई है। साथ ही, जापानी एन्सेफलाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों पर भी कई क्षेत्रों में प्रभावी नियंत्रण प्राप्त हुआ है।

पूर्वोत्तर भारत में स्वास्थ्य अवसंरचना को नई मजबूती

राष्ट्रपति ने कहा कि यह दशक पूर्वोत्तर भारत में स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा के लिए निर्णायक रहा है। इटानगर में राज्य कैंसर संस्थान, असम के शिवसागर में मेडिकल कॉलेज, सिक्किम के सिचेय में मेडिकल कॉलेज और अगरतला में महिला एवं बाल अस्पताल की स्थापना से लाखों परिवारों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण पर विशेष फोकस

महिलाओं के समग्र कल्याण पर सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए राष्ट्रपति ने बताया कि ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत लगभग 7 करोड़ महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इससे महिलाओं को समय पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।

WHO की वैश्विक मान्यता: भारत ट्रेकोमा मुक्त

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने गर्व के साथ उल्लेख किया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भारत को ट्रेकोमा मुक्त देश घोषित किया है। यह उपलब्धि रोकथाम योग्य रोगों के उन्मूलन की दिशा में भारत के निरंतर प्रयासों की वैश्विक मान्यता है।

भविष्य के लिए सशक्त और नागरिक-केंद्रित स्वास्थ्य प्रणाली

राष्ट्रपति का यह संबोधन सरकार के उस संकल्प को सुदृढ़ करता है, जिसके तहत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने, योजनाओं के दायरे का विस्तार करने और एक मजबूत, समावेशी तथा भविष्य के लिए तैयार स्वास्थ्य प्रणाली के निर्माण की दिशा में सुधारों को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।

 


 

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