10 दिन में 83 हृदय संबंधी प्रक्रियाएँ: शीतलहर के बीच अम्बेडकर अस्पताल का कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर
Healthbhaskar.com: रायपुर,11 दिसम्बर 2025 छत्तीसगढ़ में शीतलहर के लगातार बने रहने से हृदयघात (हार्ट अटैक) के मामलों में संभावित वृद्धि ने स्वास्थ्य व्यवस्था को सजग कर दिया है। इसी परिप्रेक्ष्य में डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर का कार्डियोलॉजी विभाग हाई अलर्ट पर है ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण सेवा मिल सके।
अस्पताल के संयुक्त संचालक एवं अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने नागरिकों से अपील की है कि ठंड के मौसम में विशेष रूप से बुजुर्ग, हृदय रोगी, और कॉ-मॉर्बिड मरीजों को खास सावधानी रखने की जरुरत है,क्योंकि ठण्ड के मौसम में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डॉ. संतोष सोनकर ने कहा कि किसी भी प्रकार के सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर, या थकान जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेते हुए तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
24×7 त्वरित एवं निःशुल्क हार्ट इमरजेंसी सेवा उपलब्ध
डॉ. सोनकर ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन ने हालिया परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कार्डियोलॉजी विभाग को 24 घंटे सक्रिय रखा है। विशेष रूप से गंभीर हृदयघात के मरीजों के लिए आपात एंजियोप्लास्टी की व्यवस्था बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे समय पर उपचार संभव हो पा रहा है।
तीन गंभीर मरीजों की जान बचाई—आपात एंजियोप्लास्टी सफल
एडवांस कार्डियक इंस्टिट्यूट (ACI) के प्राध्यापक व विभागाध्यक्ष डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 10 दिनों में तीन गंभीर हृदयघात मरीजों को आपात स्थिति में लेकर आया गया था, जिनकी त्वरित एंजियोप्लास्टी कर सफलतापूर्वक जीवन बचाया गया।
01 से 11 दिसम्बर तक कुल 83 हृदय रोग उपचार प्रक्रियाएँ
डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय, रायपुर के कार्डियोलॉजी विभाग द्वारा 1 दिसंबर से 11 दिसंबर 2025 के बीच की गई प्रमुख हृदय रोग उपचार प्रक्रियाओं में कुल 52 एंजियोग्राफी की गयी तथा 24 एंजियोप्लास्टी, 04 पेसमेकर प्रत्यारोपण ,01 TAVI (Transcatheter Aortic Valve Implantation) एवं 03 आपात एंजियोप्लास्टी की गयी। इस अवधि में कुल 83 हृदय संबंधी प्रक्रियाएँ संचालित की गईं, जो विभाग की तत्परता और क्षमता का स्पष्ट संकेत है।
चिकित्सकों की अपील—ठंड में विशेष सावधानी बरतें
अस्पताल के विशेषज्ञों ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि शीतकाल में अत्यधिक ठंड से बचें और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण कराते रहें। उन्होंने चेताया कि शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करना जोखिमपूर्ण हो सकता है , ताकि समय पर उपचार मिलने से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।
