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मेडिकल छात्रों की समस्याओं पर राज्यपाल का संज्ञान, समाधान की राह हुई आसान

Healthbhaskar.comरायपुर, 22 सितंबर 2025 छत्तीसगढ़ के मेडिकल छात्रों की लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने सोमवार को माननीय राज्यपाल महोदय से सौजन्य भेंट की। इस मुलाकात में छात्रों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

राज्यपाल महोदय ने गंभीरता दिखाते हुए तुरंत ही हेल्थ सेक्रेटरी और डीन, एम्स रायपुर को तलब करने का आदेश जारी किया। राज्यपाल ने यह स्पष्ट किया कि छात्रों की समस्याओं का जल्द और सकारात्मक समाधान किया जाएगा। मेडिकल छात्रों की प्रमुख समस्याएँ को लेकर मुलाकात के दौरान विशेष चर्चा के तहत वर्तमान बॉन्ड पॉलिसी मेडिकल शिक्षा पूरी करने के बाद उनके करियर को प्रभावित कर रही है। यह न केवल छात्रों पर आर्थिक बोझ डाल रही है, बल्कि उनकी स्वतंत्र प्रैक्टिस और भविष्य की योजनाओं को भी बाधित कर रही है।

कई मेडिकल कॉलेजों में छात्रों के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक होस्टल उपलब्ध नहीं हैं। इससे छात्रों को निजी जगहों पर ऊँचे किराए पर रहना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है। छात्रों ने बताया कि कई विषयों में प्रशिक्षित फैकल्टी की भारी कमी है। इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और छात्रों को सही मार्गदर्शन नहीं मिल पा रहा।

राज्यपाल का रुख और आश्वासन

राज्यपाल महोदय ने छात्रों और प्रतिनिधिमंडल को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि मेडिकल छात्र ही भविष्य के डॉक्टर हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सर्वोच्च प्राथमिकता पर किया जाएगा। उन्होंने तत्काल हेल्थ सेक्रेटरी और डीन रायपुर को बुलाने का निर्देश जारी किया, ताकि समस्याओं का वास्तविक स्वरूप सामने आ सके और शीघ्र समाधान निकाला जा सके।

IMA की भूमिका

डॉ. कुलदीप सोलंकी, अध्यक्ष IMA, ने कहा की मेडिकल छात्र देश की रीढ़ हैं। यदि उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण में बाधा आएगी तो इसका असर पूरे समाज पर पड़ेगा। IMA लगातार छात्रों की आवाज उठाता रहा है और आगे भी उनके अधिकारों और सुविधाओं के लिए लड़ता रहेगा। डॉ. कुलदीप सोलंकी, अध्यक्ष IMA, ने राज्यपाल द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की और कहा कि इससे छात्रों के मन में विश्वास जगा है कि उनकी समस्याएँ जल्द हल होंगी।

छात्रों में उम्मीद की किरण

राज्यपाल के आश्वासन के बाद मेडिकल छात्रों में नई ऊर्जा और उम्मीद जागी है। छात्रों का कहना है कि अगर बॉन्ड पॉलिसी में बदलाव हुआ और होस्टल व फैकल्टी की समस्याएँ दूर हुईं, तो वे बिना किसी तनाव के पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएँगे। कई छात्रों ने कहा कि यह पहली बार है जब राज्यपाल स्तर पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना गया है।

चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर असर

विशेषज्ञों का मानना है कि फैकल्टी की कमी और सुविधाओं की दिक्कतें मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता पर सीधा असर डालती हैं। यदि छात्रों को बेहतर वातावरण और योग्य फैकल्टी मिलेगी, तो वे न केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करेंगे बल्कि आने वाले समय में समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान कर पाएँगे। अंगदान, संसाधनों की कमी और मेडिकल शिक्षा से जुड़े विषयों पर समाज और सरकार को मिलकर काम करने की आवश्यकता है। IMA और राज्यपाल की पहल से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में मेडिकल छात्रों को राहत देने वाले बड़े फैसले लिए जाएँगे।

राज्यपाल के इस कदम को छत्तीसगढ़ के मेडिकल शिक्षा क्षेत्र में “आशा की नई किरण” माना जा रहा है। यदि हेल्थ सेक्रेटरी और डीन रायपुर छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान निकालते हैं, तो न केवल छात्रों का भविष्य सुरक्षित होगा बल्कि पूरे राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में भी क्रांतिकारी सुधार देखने को मिलेगा।

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