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बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए 1982 बच्चों को कराया गया स्वर्णप्राशन

हेल्थ भास्कर : बच्चों की व्याधिक्षमत्व (रोग प्रतिरोधक क्षमता), पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक बल तथा रोगों से बचाव के उद्देश्य से शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय, रायपुर में शनिवार को 1982 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया।

आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा हर पुष्य नक्षत्र तिथि को शून्य से 16 वर्ष की आयु के बच्चों को निःशुल्क स्वर्णप्राशन कराया जाता है। यह एक पारंपरिक आयुर्वेदिक विधि है, जो बच्चों के मानसिक एवं शारीरिक विकास में सहायक मानी जाती है।

इस अवसर पर डॉ. लवकेश चंद्रवंशी द्वारा बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया, जिसमें बच्चों की सामान्य स्वास्थ्य स्थिति, पोषण स्तर एवं वृद्धि की निगरानी की गई। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के अनुसार, स्वर्णप्राशन न केवल रोगों से बचाता है, बल्कि बच्चों की मेधा, बल एवं स्वास्थ्य को भी सुदृढ़ करता है।

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