चिरायु दल ने लौटाई मासूम रंजना की मुस्कान, निःशुल्क ऑपरेशन से बदली जिंदगी
Healthbhaskar.com: रायपुर, 2 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ शासन की चिरायु योजना और राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए जीवन में नई उम्मीद बनकर सामने आई है। बस्तर जिले के बकावण्ड विकासखंड अंतर्गत ग्राम जामगुड़ा धनपुर निवासी महेश भारती की मासूम बेटी रंजना के जीवन में चिरायु दल की तत्परता और शासन की संवेदनशील नीति ने खुशियों की नई रोशनी भर दी है। जन्मजात क्लेफ्ट लिप कटे होंठ की समस्या से पीड़ित रंजना का सफल और निःशुल्क ऑपरेशन कराकर न केवल उसकी शारीरिक पीड़ा दूर की गई, बल्कि माता-पिता की वर्षों पुरानी चिंता और आर्थिक बोझ से भी मुक्ति दिलाई गई।
जन्म के साथ आई थी चिंता की परछाईं
महेश भारती के घर बेटी के जन्म से खुशियाँ तो आईं, लेकिन जल्द ही पता चला कि रंजना जन्म से ही कटे होंठ की गंभीर समस्या से जूझ रही है। जैसे-जैसे वह बड़ी हो रही थी, माता-पिता की चिंता और बढ़ती जा रही थी। समाज में स्वीकार्यता, शिक्षा और बेटी के भविष्य को लेकर परिवार आशंकित था। सबसे बड़ी समस्या आर्थिक तंगी थी। एक साधारण मजदूर परिवार के लिए निजी अस्पताल में महंगे ऑपरेशन का खर्च उठाना लगभग असंभव था। परिवार कई दिनों तक मानसिक तनाव और असहाय स्थिति में था।
चिरायु दल बना आशा की किरण
19 जून 2025 को चिरायु दल बकावण्ड की टीम नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के लिए आंगनबाड़ी केंद्र पहुँची। स्क्रीनिंग के दौरान टीम ने रंजना की बीमारी को पहचाना और तुरंत उसे जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप केंद्र में रेफर किया। टीम ने परिवार को शासन की चिरायु योजना की जानकारी दी और भरोसा दिलाया कि इलाज पूरी तरह निःशुल्क होगा। इसके बाद जिला स्वास्थ्य समिति के सहयोग से इलाज की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ी।
रायपुर में हुआ सफल ऑपरेशन
06 नवंबर 2025 को रंजना को रायपुर स्थित मेडीशाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर मासूम को नया जीवन दिया। इलाज, सर्जरी, दवाइयाँ और अस्पताल में रहने का पूरा खर्च शासन द्वारा वहन किया गया। इससे परिवार को आर्थिक बोझ से पूरी राहत मिली।
फॉलो-अप में दिखी पूरी तरह स्वस्थ रंजना
13 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा फॉलो-अप जांच की गई। इस दौरान रंजना पूरी तरह स्वस्थ पाई गई। उसके चेहरे की बनावट में आए सकारात्मक बदलाव और खिलखिलाती मुस्कान ने पूरे परिवार को भावुक कर दिया। माता-पिता ने कहा कि अब उन्हें अपनी बेटी के भविष्य को लेकर कोई चिंता नहीं है और वे शासन की इस योजना के लिए दिल से आभारी हैं।
चिरायु योजना: गरीब बच्चों के लिए जीवनदायिनी पहल
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और चिरायु योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों में 44 प्रकार की गंभीर बीमारियों की पहचान और निःशुल्क उपचार किया जाता है। इसमें जन्मजात हृदय रोग, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालु, टेढ़े-मेढ़े अंग, कुपोषण, एनीमिया सहित कई जटिल रोग शामिल हैं। यह योजना प्रदेश के हजारों गरीब परिवारों के लिए वरदान बन चुकी है।
