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छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य क्रांति: 370 नई एम्बुलेंस से बदलेगी आपातकालीन सेवा

Healthbhaskar.com: रायपुर,01 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई अत्याधुनिक एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर प्रदेश के सभी जिलों के लिए रवाना किया गया है। इस पहल के साथ ही राज्य की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर 108 संजीवनी एक्सप्रेस, को एक नई मजबूती और गति मिलने जा रही है। यह सिर्फ एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि यह एक समग्र स्वास्थ्य तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में उठाया गया रणनीतिक कदम है, जिसका सीधा लाभ आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा।

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा में क्रांतिकारी बदलाव

इस नई पहल के तहत प्रदेश में कुल 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट (BLS) और 70 एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (ALS) एम्बुलेंस को शामिल किया गया है। इसके साथ ही पहली बार 5 नियोनेटल ALS एम्बुलेंस की शुरुआत की गई है, जो नवजात शिशुओं के लिए चलते-फिरते ICU की तरह कार्य करेंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करना नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे में व्यापक सुधार हुए हैं, जिससे आम जनता का भरोसा सरकारी अस्पतालों पर बढ़ा है।

15 मिनट शहर में, 30 मिनट गांव में—सेवा का लक्ष्य

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस अवसर पर कहा कि अब राज्य में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शहरी क्षेत्रों में 15 मिनट और ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध हो सके। यह लक्ष्य न केवल प्रशासनिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है, बल्कि यह आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा सुधार भी है। समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से गंभीर मरीजों की जान बचाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

नवजात शिशुओं के लिए ‘चलते-फिरते ICU’

इस पहल की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि नियोनेटल ALS एम्बुलेंस की शुरुआत है। ये एम्बुलेंस विशेष रूप से नवजात शिशुओं के लिए तैयार की गई हैं और इनमें सभी अत्याधुनिक जीवनरक्षक उपकरण मौजूद हैं। इन एम्बुलेंस में शामिल प्रमुख सुविधाएं:-

  • इन्क्यूबेटर और वेंटिलेटर
  • डिफिब्रिलेटर और सिरिंज पंप
  • ऑक्सीजन सपोर्ट और नेब्युलाइज़र
  • 41 प्रकार की आपातकालीन दवाएं
  • प्रशिक्षित नवजात तकनीशियन और EMT  यह पहल नवजात मृत्यु दर को कम करने और गंभीर स्थिति में शिशुओं को सुरक्षित रूप से उच्च स्तरीय अस्पताल तक पहुंचाने में मील का पत्थर साबित होगी।

तकनीक से सशक्त हुई एम्बुलेंस सेवा

नई एम्बुलेंसों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है। BLS और ALS एम्बुलेंस में मरीजों को मौके पर ही प्राथमिक और उन्नत चिकित्सा सहायता देने की सुविधा उपलब्ध है। इनमें शामिल प्रमुख उपकरण:-

  • BP मॉनिटर, Pulse Oximeter
  • ECG मॉनिटर, Glucometer
  • Portable Ventilator
  • Laryngoscope और Defibrillator  इन सुविधाओं के कारण मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही इलाज शुरू हो सकेगा, जो गंभीर परिस्थितियों में जीवनरक्षक साबित हो सकता है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा बड़ा लाभ

प्रदेश के दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच लंबे समय से एक चुनौती रही है। इस नई पहल से उन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकेगी। उप-स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन के साथ यह एम्बुलेंस सेवा एक मजबूत नेटवर्क तैयार करेगी, जिससे मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम होगी।

स्वास्थ्य ढांचे में विश्वास बढ़ाने की पहल

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर नागरिक को यह भरोसा हो कि संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यह पहल जनता के विश्वास को और मजबूत करेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि एम्बुलेंस सेवा में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए एक विशेष मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया गया है, जो सेवा की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगा।

प्रदेश बना अग्रणी राज्यों में शामिल

नियोनेटल एम्बुलेंस सेवा की शुरुआत के साथ छत्तीसगढ़ देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है, जहां इस प्रकार की अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध है। यह राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को दर्शाता है।आंकड़ों में समझें प्रभाव

  • कुल एम्बुलेंस: 370
  • BLS: 300
  • ALS: 70
  • Neonatal ALS: 5
  • सेवा लक्ष्य: 15 मिनट (शहर), 30 मिनट (गांव)  यह विस्तार न केवल संख्या में वृद्धि है, बल्कि सेवा की गुणवत्ता और पहुंच में भी बड़ा सुधार है। यह पहल आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य क्षेत्र को नई दिशा देगी। समय पर चिकित्सा सहायता, बेहतर उपकरण और प्रशिक्षित स्टाफ,ये सभी मिलकर एक मजबूत स्वास्थ्य तंत्र  तैयार होगा।

 

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