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एम्स रायपुर में शुरू हुआ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग, मरीजों को राज्य में ही मिलेगा अत्याधुनिक उपचार

Healthbhaskar.com: रायपुर, 21 फरवरी 2026। एम्स रायपुर ने दिसंबर 2025 से अपने सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की सेवाएं औपचारिक रूप से शुरू कर दी हैं। यह छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है। इस विभाग की शुरुआत से अब प्रदेश के कैंसर मरीजों को अत्याधुनिक सर्जरी और समग्र इलाज के लिए बाहर जाने की मजबूरी नहीं रहेगी। नए विभाग का उद्देश्य मरीजों को सम्पूर्ण, आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण कैंसर उपचार उपलब्ध कराना है, जिससे समय पर सही इलाज मिल सके और मृत्यु दर में कमी लाई जा सके।

अनुभवी विशेषज्ञ के नेतृत्व में विभाग की शुरुआत

सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की क्लीनिकल गतिविधियों का नेतृत्व असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. स्वर्णव चंदा कर रहे हैं, जिन्होंने जवाहरलाल इंस्टिट्यूट ऑफ़ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च पांडुचेरी से सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में एम.सी.एच. की डिग्री प्राप्त की है। उनके नेतृत्व में विभाग सबूत आधारित, मरीज-केंद्रित और आधुनिक तकनीक से लैस कैंसर सर्जरी सेवाएं प्रदान करेगा। विभाग का मुख्य लक्ष्य है कि हर मरीज को सुरक्षित, सटीक और प्रभावी इलाज मिले।

मल्टीडिसिप्लिनरी टीम से होगा समग्र इलाज

इस विभाग की सबसे बड़ी खासियत इसका मजबूत मल्टीडिसिप्लिनरी अप्रोच है। इसमें सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के साथ-साथ मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, ईएनटी, हेड-नेक सर्जरी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, स्त्री रोग एवं जनरल सर्जरी विभाग मिलकर कार्य करेंगे। इस समन्वित व्यवस्था से सिर-गर्दन कैंसर, स्तन कैंसर, पेट के कैंसर, स्त्री रोग संबंधी कैंसर और सॉफ्ट टिशू ट्यूमर जैसी जटिल बीमारियों का बेहतर इलाज संभव होगा।

ओपीडी सेवाएं शुरू, सप्ताह में तीन दिन विशेषज्ञ परामर्श

विभाग की ओपीडी सेवाएं सी ब्लॉक, प्रथम तल, एंडोक्राइनोलॉजी ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की गई हैं। फिलहाल सोमवार, बुधवार और गुरुवार को सर्जिकल ऑन्कोलॉजी कंसल्टेशन उपलब्ध रहेगा। इससे मरीजों को समय पर जांच, परामर्श और इलाज की योजना बनाने में सुविधा मिलेगी।

भविष्य की तैयारी: हाईटेक तकनीकों से होगा इलाज

एम्स रायपुर ने भविष्य में सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी, HIPEC तकनीक और मिनिमली इनवेसिव थोरैसिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीकों को शुरू करने की योजना बनाई है। इन तकनीकों से सर्जरी की सटीकता बढ़ेगी, जटिलताएं कम होंगी और मरीज तेजी से स्वस्थ हो सकेंगे।

एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि यह विभाग राज्य में पूर्ण और उन्नत कैंसर उपचार देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि एम्स रायपुर को ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में रीजनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करना संस्थान का लक्ष्य है, ताकि मरीजों को राज्य से बाहर जाने की जरूरत न पड़े।

 


 

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