सूरजपुर में रेडी-टू-ईट पोषण आहार से सुदृढ़ हो रहा मातृ-शिशु स्वास्थ्य
Healthbhaskar.com: रायपुर, 7 जनवरी 2026। आर्थिक सशक्तिकरण की नींव सशक्त मानसिकता पर आधारित होती है। दृढ़ इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास व्यक्ति को आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ता हैं। सूरजपुर जिले की महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं ने इस सोच को व्यवहार में उतारते हुए न केवल स्वयं को सशक्त किया है, बल्कि जिले की महिलाओं एवं बच्चों के पोषण सुधार अभियान में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य के समन्वय का सशक्त उदाहरण बनकर उभरी है।
पोषण और महिला सशक्तिकरण का संगम
रेडी-टू-ईट (RTE) पोषण आहार निर्माण संयंत्र सरकार द्वारा संचालित ऐसी इकाइयाँ हैं, जिनका संचालन महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से किया जाता है। इन संयंत्रों में आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं हेतु पहले से तैयार पौष्टिक आहार का निर्माण किया जाता है। गेहूं, दालें और दूध जैसे पोषक तत्वों से युक्त यह आहार न केवल पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार प्रदान कर आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाता है।
पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार का निर्माण
जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेडी-टू-ईट पोषण आहार निर्माण संयंत्र का शुभारंभ किया गया है। यहां स्वादिष्ट एवं पौष्टिक नमकीन दलिया और मीठा शक्ति आहार तैयार किया जा रहा है, जो विटामिन ए, विटामिन डी, थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन, पाइरीडॉक्सिन, फोलिक अम्ल, कोबालामिन, आयरन, कैल्शियम और जिंक जैसे आवश्यक सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर है।

तीन संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से कार्यरत
जिला प्रशासन द्वारा सूरजपुर जिले में कुल 07 पोषण आहार निर्माण संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें से वर्तमान में भैयाथान, प्रतापपुर और सूरजपुर विकासखंड में तीन संयंत्र सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन संयंत्रों में 32 महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से पोषण आहार निर्माण कार्य में संलग्न हैं। तैयार पोषण आहार आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को निःशुल्क वितरित किया जा रहा है। इस प्रकार महिला स्व-सहायता समूह मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुदृढ़ीकरण में अप्रत्यक्ष किंतु अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
वितरण की जिम्मेदारी भी महिलाओं के हाथ
पोषण आहार के निर्माण के साथ-साथ उसके वितरण की जिम्मेदारी भी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी गई है। भैयाथान विकासखंड में 15, सूरजपुर में 15 तथा प्रतापपुर विकासखंड में 13 स्व-सहायता समूह सक्रिय रूप से वितरण कार्य में लगे हुए हैं। इन समूहों के माध्यम से कुल 430 महिलाएं आंगनबाड़ी केंद्रों तक पोषण आहार पहुंचाने का कार्य कर रही हैं।
महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायी पहल
इस योजना से महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। मानसिक रूप से सशक्त ये महिलाएं अब घरेलू जिम्मेदारियों के साथ-साथ आजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। यह पहल न केवल जिले में पोषण स्तर सुधारने में सहायक सिद्ध होगी, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधार की दिशा में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में भी स्थापित हो रही है।
