कैंसर जागरूकता के लिए ग्रैंड IMA मैराथन — रायपुर की सड़कों पर उमड़ा हौसला, उम्मीद और एकजुटता
Healthbhaskar.com: रायपुर, 24 नवंबर 2025 रायपुर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब बात स्वास्थ्य, जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी की आती है, तब यह शहर संकल्प और उत्साह में किसी से पीछे नहीं रहता। रविवार की सुबह शहर की फिजा में जोश, ऊर्जा और सकारात्मकता का अनोखा संगम देखने को मिला, जब ग्रैंड IMA मैराथन ‘Run for Health – War Against Cancer’ थीम के साथ पंडित जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज परिसर से शुरू हुई।
यह आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) रायपुर की ओर से किया गया था, जिसमें 1200 से अधिक लोगों ने हिस्सा लेकर कैंसर के खिलाफ लड़ाई में अपनी भागीदारी दर्ज कराई। इस आयोजन का उद्देश्य स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देना, कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाना और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना था।
सुबह की शुरुआत—ऊर्जा से भरा माहौल
भोर की पहली रोशनी के साथ मेडिकल कॉलेज परिसर में जो दृश्य था, वह किसी उत्सव से कम नहीं था। जिसमे युवा, बच्चे, महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक, डॉक्टर, पैरामेडिकल टीम, विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य, सभी के कदम एक साथ, एक सोच के साथ ,कैंसर के खिलाफ लड़ाई में हम सब साथ हैं ,सभी उपस्थित एक ही नारे के साथ आगे बढ़ रहे थे। मैराथन से ठीक पहले आयोजित जुम्बा सेशन ने प्रतिभागियों में जबरदस्त ऊर्जा और जोश भर दिया। जोशीले संगीत, प्रेरक कोरियोग्राफी और सैकड़ों लोगों का सामूहिक उत्साह ,यह दृश्य रायपुर की सक्रियता और स्वास्थ्य संस्कृति को खुले शब्दों में बयां कर रहा था।
IMA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने फ्लैग-ऑफ किया
मैराथन का शुभारंभ IMA रायपुर के अध्यक्ष डॉ. कुलदीप सोलंकी ने फ्लैग-ऑफ करके किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कैंसर केवल इलाज से नहीं, बल्कि जागरूकता से हारता है। स्वस्थ जीवनशैली, नियमित व्यायाम और समय पर जांच इस बीमारी को रोकने की सबसे बड़ी कुंजी हैं। आज रायपुर ने एकजुट होकर यह संदेश पूरे राज्य को दिया है। उनके शब्दों ने प्रतिभागियों के उत्साह और कार्यक्रम के महत्व दोनों को एक साथ परिभाषित कर दिया।
मैराथन—स्वास्थ्य से समाज तक का सफर
मैराथन मार्ग पर प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक था। युवा तेज रफ्तार में आगे बढ़ रहे थे, जबकि कई वरिष्ठ नागरिक धीमी गति से लेकिन अटूट संकल्प के साथ दौड़ रहे थे। महिलाओं और बच्चों की बड़ी भागीदारी ने यह साबित किया कि कैंसर जागरूकता एक सामूहिक जिम्मेदारी है, और इस जिम्मेदारी को रायपुर बखूबी निभा रहा है। मैराथन के प्रत्येक चरण पर मेडिकल टीमें ,वॉलंटियर्स ,पानी और फलों की व्यवस्था ,एवं सुरक्षा व्यवस्था बेहतरीन तरीके से संचालित की गई थी।
भावनात्मक क्षण – कहानी हर प्रतिभागि के दिल से
मैराथन के दौरान कई प्रतिभागियों ने अपनी व्यक्तिगत और भावनात्मक कहानियाँ भी साझा कीं ,जिसमे कोई अपने उस परिवार सदस्य की याद में दौड़ रहा था तो या फिर जिसने कैंसर को मात दी थी तो कोई अपने प्रियजन को खोने के दर्द को जागरूकता में बदल रहा था। इन कहानियों ने कार्यक्रम को केवल एक खेल आयोजन नहीं रहने दिया, बल्कि एक भावनात्मक आंदोलन में बदल दिया, जिसने हर सहभागी के मन को छुआ।
मेडल और सम्मान—उत्साह का संचार
इस आयोजन में दौड़ पूरी करने वाले सभी प्रतिभागियों को मेडल प्रदान किए गए, जो उनके प्रयास और संकल्प का प्रतीक थे। कार्यक्रम के अंत में सभी को पौष्टिक नाश्ता भी दिया गया। विशेष रूप से, 20 उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ‘द ग्रेट छत्तीसगढ़ रन (TGCGRUN)’ में नि:शुल्क प्रवेश प्रदान किया गया, जो की आगामी 7 दिसंबर को नवा रायपुर में आयोजित होने वाला है।
यह सिर्फ मैराथन नहीं, एक सामाजिक आंदोलन – डॉ. रेशम सिंह,जेडीए अध्यक्ष
इस आयोजन में जूनियर डॉक्टर्स और मेडिकल स्टूडेंट्स की भागीदारी सबसे ज्यादा आकर्षक रही। जेडीए (Junior Doctors Association) छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रेशम सिंह ने कहा की हमारे जूनियर डॉक्टरों और स्टूडेंट्स ने पूरे मन से इसमें हिस्सा लिया। यह मैराथन समाज, स्वास्थ्य और मानवता के प्रति हमारे संकल्प का प्रतीक है। नई पीढ़ी न केवल इलाज में, बल्कि जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व में भी अग्रणी भूमिका निभा रही है। ग्रैंड IMA मैराथन ने साबित कर दिया कि स्वास्थ्य जागरूकता केवल भाषणों से नहीं, बल्कि सामूहिक भागीदारी और जनसहयोग से ही संभव है। रायपुर ने इस आयोजन के माध्यम से एक स्पष्ट संदेश दिया है की अगर समाज एकजुट हो जाए, तो कैंसर जैसी बड़ी बीमारी भी कमजोर पड़ जाती है। यह आयोजन आने वाले वर्षों में और भी बड़े जनजागरूकता अभियानों की नींव रखता है और स्वस्थ छत्तीसगढ़ की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होता है।
