आयुष्मान भारत में आईसीयू विशेषज्ञों की मांग तेज, छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने सौंपा ज्ञापन
Healthbhaskar.com: रायपुर, 25 मार्च 2026। देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को लेकर आईसीयू विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन CGDF ने इस योजना में क्रिटिकल केयर मेडिसिन विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग उठाई है। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि वर्तमान ढांचे मेंआईसीयू सेवाओं के लिए आवश्यक विशेषज्ञता का अभाव है, जिससे गंभीर मरीजों के इलाज की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
आईसीयू में विशेषज्ञों की भूमिका क्यों अहम?
गंभीर रूप से बीमार मरीजों के उपचार के लिए आईसीयू में उच्च स्तरीय निगरानी और त्वरित निर्णय क्षमता की आवश्यकता होती है। छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी के अनुसार, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ विशेष रूप से ऐसे मरीजों के लिए प्रशिक्षित होते हैं, जिनकी स्थिति नाजुक होती है और जिन्हें जीवनरक्षक उपकरणों की निरंतर निगरानी की जरूरत होती है।अध्यक्ष डॉ. हीरा सिंह लोधी का कहना है कि वर्तमान में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कई सुपर-स्पेशियलिटी सेवाएं शामिल हैं, लेकिन क्रिटिकल केयर मेडिसिन को औपचारिक रूप से पर्याप्त महत्व नहीं मिला है। यही कारण है कि आईसीयू प्रबंधन में कई बार व्यावहारिक कठिनाइयां सामने आती हैं।
इलाज की गुणवत्ता और रिकवरी पर असर
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन के उपाध्यक्ष डॉ. ए. प्रशांत का कहना है कि यदि आईसीयू में प्रशिक्षित विशेषज्ञ मौजूद हों, तो मरीजों की रिकवरी दर बेहतर होती है। इससे न केवल मृत्यु दर में कमी आती है, बल्कि अस्पताल में भर्ती रहने की अवधि भी कम हो जाती है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ता है,कम समय में अधिक मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है और अस्पतालों पर दबाव भी कम होता है।
टियर-2 और टियर-3 शहरों के लिए बड़ी जरूरत
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का मानना है कि क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों को योजना में शामिल करने से सबसे ज्यादा फायदा छोटे शहरों और जिला अस्पतालों को होगा। आज भी गंभीर मरीजों को बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है। यदि जिला स्तर पर ही विशेषज्ञ उपलब्ध हों, तो मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने की संभावना बढ़ेगी।
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन की प्रमुख मांगें
- आईसीयू एवं क्रिटिकल केयर पैकेज में विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
- एम्पैनलमेंट और प्रतिपूर्ति नीति में संशोधन किया जाए।
- अस्पतालों में फुल-टाइम इंटेंसिविस्ट की नियुक्ति को बढ़ावा दिया जाए।
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन का कहना है कि इन सुधारों से आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की प्रभावशीलता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी। यदि यह मांग मान ली जाती है तो देश की स्वास्थ्य व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है। आईसीयू सेवाएं अधिक व्यवस्थित होंगी और गंभीर मरीजों के इलाज में होने वाली देरी कम होगी। इसके अलावा, ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में भी उन्नत चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में समानता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
सरकार से त्वरित निर्णय की अपेक्षा
छत्तीसगढ़ डॉक्टर्स फेडरेशन ने राज्य शासन से इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। फेडरेशन का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य केवल उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध इलाज सुनिश्चित करना भी है। ऐसे में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों को शामिल करना इस दिशा में एक आवश्यक सुधार माना जा रहा है।
