मातृ स्वास्थ्य सुधारने की पहल, हाईरिस्क प्रेग्नेंसी के लिए जागरूकता अभियान तेज
Healthbhaskar.com: रायपुर,08 अप्रैल 2026। राजधानी में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सामने आई है, जहां निजी अस्पतालों द्वारा हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं के लिए निःशुल्क चिकित्सा परामर्श का आयोजन करेंगे। यह पहल न केवल मातृ स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि उन महिलाओं के लिए एक राहत भी है जो जटिल गर्भावस्था के कारण विशेष देखभाल की जरूरत महसूस करती हैं।
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न होने वाले जोखिमों की समय रहते पहचान कर उन्हें उचित उपचार और मार्गदर्शन प्रदान करना है। हर माह की 9 और 24 तारीख को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम महिलाओं की विस्तृत जांच कर उन्हें सुरक्षित प्रसव के लिए आवश्यक सलाह प्रदान की जाएगी।
हाईरिस्क गर्भावस्था: एक गंभीर चुनौती
चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हाईरिस्क गर्भावस्था वह स्थिति होती है जिसमें मां या शिशु के स्वास्थ्य को खतरा होने की संभावना अधिक होती है। इसमें उच्च रक्तचाप, मधुमेह, एनीमिया, थायरॉयड, पूर्व सर्जरी, या पहले गर्भपात जैसी स्थितियां शामिल होती हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में ऐसी महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन समय पर जांच और सही उपचार के अभाव में जटिलताएं बढ़ जाती हैं। यही कारण है कि इस प्रकार के निःशुल्क शिविर अत्यंत आवश्यक हैं।
विशेषज्ञों की टीम ने किया मार्गदर्शन
राष्ट्रीय कार्यक्रमों के उन्मुखीकरण एवं उच्च जोखिम गर्भवती माताओ के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन की अध्यक्षता एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी की उपस्थिति में बैठक सपंन्न हुयी। इस बैठक में आईऍमऐ ,हॉस्पिटल बोर्ड फोग्सी सहित अन्य संगठन से जुड़े डॉक्टर्स भी शामिल हुए। बैठक में जिले के मातृ एवं शिशु मृत्युदर को न्यूनतम स्तर पर लाने के लिए वर्तमान में चिकित्सकीय सुविधाओं का लगातार उन्नयन करने के साथ गर्भवती महिलाओ के परिवार को सुरक्षित मातृत्व की जिम्मेदारी के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान जिले के सभी निजी अस्पतालो को कम से कम दो एचआरपी महिलाओं की जिम्मेदारी लेकर उन्हें निशुल्क चिकित्सकीय परामर्श एवं देखभाल करने कहा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया की वर्तमान में जिला रायपुर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतगर्त प्रत्येक माह की 9 और 24 तारीख को जिले के समस्त सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओ में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को निशुल्क प्रसव पूर्व जाँच एवं विशेष परामर्श प्रदान किया जा रहा है।
मातृ मृत्यु दर कम करने की दिशा में प्रयास
भारत में मातृ मृत्यु दर को कम करना सरकार और स्वास्थ्य संस्थानों के लिए एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में निजी अस्पतालों की इस प्रकार की पहल स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने में सहायक साबित हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हाईरिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान कर उचित इलाज किया जाए, तो मातृ और शिशु मृत्यु दर में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है।
स्वास्थ्य जागरूकता ही समाधान
इस पहल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता ही किसी भी गंभीर समस्या का सबसे प्रभावी समाधान है। विशेषज्ञों ने महिलाओं से अपील की कि वे गर्भावस्था के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच कराएं।
